यूक्रेन युद्ध को लेकर कूटनीतिक प्रयास तेज होते दिख रहे हैं। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने यूक्रेन और कई यूरोपीय देशों के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए संभावित शांति समाधान पर विचार करना था। बातचीत के बाद विटकॉफ ने कहा कि चर्चा सकारात्मक और रचनात्मक रही, जिससे आगे संवाद की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
बैठक में यूक्रेन की सुरक्षा जरूरतों, युद्धविराम की रूपरेखा, भविष्य की सुरक्षा गारंटी और युद्ध के बाद पुनर्निर्माण जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। अमेरिकी दूत ने संकेत दिया कि सभी पक्ष एक साझा आधार तलाशने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि लंबे समय से जारी संघर्ष को कूटनीतिक रास्ते से समाप्त किया जा सके। यूरोपीय प्रतिनिधियों ने भी इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि किसी भी शांति समझौते में यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
हालांकि, इन प्रयासों पर रूस की प्रतिक्रिया सतर्क और कुछ हद तक नकारात्मक रही है। क्रेमलिन का कहना है कि यूक्रेन और यूरोपीय देशों द्वारा अमेरिकी प्रस्तावों में किए गए बदलावों से शांति की संभावनाएं मजबूत नहीं होतीं। रूस अब भी अपनी क्षेत्रीय मांगों और सुरक्षा शर्तों पर अड़ा हुआ है, जिससे वार्ता प्रक्रिया जटिल बनी हुई है।
कुल मिलाकर, ट्रंप के विशेष दूत की यह बैठक यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम मानी जा रही है। भले ही अभी कोई ठोस समझौता सामने नहीं आया हो, लेकिन बातचीत को सकारात्मक बताना यह संकेत देता है कि अमेरिका, यूक्रेन और यूरोप शांति के लिए संवाद का रास्ता खुला रखना चाहते हैं। आने वाले समय में इन वार्ताओं का रुख और रूस की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि युद्धविराम की दिशा में वास्तविक प्रगति हो पाती है या नहीं।













