बॉर्डर एरिया में चल रहा अवैध चर्च, धर्मांतरण के आरोप में जर्मन दंपति सहित छह लोग हिरासत में

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श्रीगंगानगर (राजस्थान) – भारत‑पाक सीमा के नजदीक स्थित श्रीकरणपुर कस्बे में पुलिस ने एक किराए के मकान में चल रहे अवैध चर्च और धर्मांतरण गतिविधियों का पर्दाफाश किया। इस मामले में जर्मनी के एक दंपति और चार अन्य भारतीय नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस और स्थानीय लोगों को मकान में असामान्य गतिविधियों की सूचना मिली थी, जिसमें प्रार्थना सभा के नाम पर लोगों को बुलाकर उन्हें पैसे, अन्य लाभ या लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

सूचना मिलने पर स्थानीय संगठनों और पुलिस ने मौके पर छापा मारा। हिरासत में लिए गए लोगों में जर्मन दंपति स्वैन बॉज बेट जलेर और उनकी पत्नी सैंड्रा के साथ संतोष वर्गीसी (कर्नाटक), मैथ्यू (केरल), बलजिंदर सिंह खोसा और राजेश कंबोज उर्फ पोपी शामिल हैं। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज करते हुए राजस्थान के धर्मांतरण विरोधी कानून और विदेशी नागरिकों के लिए लागू कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, यह जांच की जा रही है कि जर्मन नागरिक यहाँ कैसे आए और क्या उनकी गतिविधियों से विदेश से धन का प्रवाह हुआ।

श्रीकरणपुर क्षेत्र भारत‑पाक सीमा के पास स्थित होने के कारण संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्र में आता है। ऐसे में बिना अनुमति विदेशी नागरिकों द्वारा धार्मिक गतिविधियाँ चलाना गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय माना जाता है। हिरासत के बाद चर्च स्थल और थाने के बाहर स्थानीय हिंदू और सिख संगठनों के लोगों की भारी भीड़ जमा हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण बना। प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शांति बनाए रखने की अपील की।

राजस्थान सरकार ने हाल ही में लागू “राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध कानून‑2025” के तहत धर्मांतरण के लिए पैसों, सामग्री, नौकरी या अन्य लालच का उपयोग करने पर सख्त सजा और भारी जुर्माने की प्रावधान किए हैं। बॉर्डर क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों में इसी तरह के कई धर्मांतरण के संदेह वाले मामले सामने आए हैं, जिनमें पुलिस लगातार सतर्क है। यह मामला न केवल धार्मिक मुद्दों से जुड़ा है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर नियंत्रण की दृष्टि से भी संवेदनशील माना जा रहा है।

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