भारत की क्षेत्रीय अखंडता पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं: बांग्लादेशी बयान पर MEA का सख्त रुख

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

‘सेवन सिस्टर्स’ को लेकर दिए गए एक विवादित बयान के बाद भारत ने बांग्लादेश के प्रति सख्त रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने इस मामले को गंभीर मानते हुए बांग्लादेश के उच्चायुक्त को तलब किया और भारत की कड़ी आपत्ति औपचारिक रूप से दर्ज कराई। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और उत्तर-पूर्वी राज्यों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर किसी भी तरह की गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

यह पूरा विवाद बांग्लादेश की एक राजनीतिक रैली के दौरान दिए गए बयान से जुड़ा है, जिसमें वहां की नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के नेता हसनत अब्दुल्लाह ने भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों, जिन्हें ‘सेवन सिस्टर्स’ कहा जाता है, को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। बयान में कथित तौर पर भारत से इन राज्यों को अलग करने जैसी बातें कही गईं, जिसे भारत ने न केवल भड़काऊ बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरनाक करार दिया।

विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त को तलब कर इस बयान पर कड़ा विरोध जताया और कहा कि इस तरह की टिप्पणियां दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और मित्रतापूर्ण संबंधों को नुकसान पहुंचाती हैं। भारत ने यह भी रेखांकित किया कि किसी भी देश की भूमि का उपयोग भारत-विरोधी गतिविधियों या बयानबाजी के लिए नहीं होना चाहिए।

भारत ने ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग और अन्य भारतीय प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर की। मंत्रालय ने कहा कि हाल के दिनों में भारत विरोधी भावनाओं और गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है, जो चिंता का विषय है। भारत ने बांग्लादेश सरकार से अपेक्षा जताई कि वह इस मामले की गंभीरता से जांच करे और जिम्मेदार तत्वों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे।

कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब भारत और बांग्लादेश के रिश्ते कई स्तरों पर सहयोग और संवाद पर आधारित रहे हैं। ऐसे में राजनीतिक मंचों से दिए गए गैर-जिम्मेदाराना बयानों को दोनों देशों के संबंधों के लिए नुकसानदेह माना जा रहा है। भारत ने दो टूक शब्दों में कहा है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों और क्षेत्रीय सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।

Leave a Comment

और पढ़ें