दिल्ली में जहरीली हवा का असर: निर्माण मजदूरों को मुआवजा, आधे कर्मचारी घर से करेंगे काम

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दिल्ली में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए दिल्ली सरकार ने कड़े और राहत भरे दोनों तरह के अहम फैसले लिए हैं। सरकार ने साफ किया है कि बढ़ते प्रदूषण से आम लोगों, खासकर दिहाड़ी और निर्माण क्षेत्र से जुड़े मजदूरों की आजीविका और स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है, इसलिए तत्काल कदम उठाना जरूरी था। इन्हीं परिस्थितियों के बीच सरकार ने आर्थिक सहायता और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़ी बड़ी घोषणाएं की हैं।

सरकार के फैसले के अनुसार, प्रदूषण के कारण निर्माण गतिविधियों पर लगी रोक से प्रभावित पंजीकृत निर्माण मजदूरों को ₹10,000 की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि सीधे मजदूरों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी, ताकि उन्हें दैनिक जरूरतों के लिए राहत मिल सके। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सहायता केवल उन्हीं मजदूरों को मिलेगी, जो दिल्ली भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकृत हैं। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि भुगतान प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी रखा जाए।

प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य कर दिया है। इसका मकसद सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करना और दफ्तरों से होने वाली गतिविधियों के कारण फैलने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना है। हालांकि स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली-पानी, आपातकालीन सेवाओं और अन्य आवश्यक विभागों को इस व्यवस्था से छूट दी गई है, ताकि जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों।

इसके साथ ही सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे गैर-जरूरी रूप से घर से बाहर न निकलें और निजी वाहनों के उपयोग को कम करें। स्कूलों को भी स्थिति के अनुसार ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड में कक्षाएं संचालित करने की सलाह दी गई है, ताकि बच्चों को प्रदूषित हवा के संपर्क से बचाया जा सके। प्रशासन द्वारा प्रदूषण नियंत्रण नियमों के सख्त पालन और निगरानी के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

दिल्ली सरकार का कहना है कि ये कदम अस्थायी जरूर हैं, लेकिन मौजूदा हालात में बेहद जरूरी हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि जैसे ही वायु गुणवत्ता में सुधार होगा, प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी। फिलहाल प्राथमिकता लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करना और प्रदूषण से प्रभावित वर्गों को तत्काल राहत पहुंचाना है।

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