यमुना एक्सप्रेसवे पर मौत का तांडव, बसों में लगी आग से 13 यात्रियों की मौत

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के पास यमुना एक्सप्रेसवे पर हुआ यह हादसा हाल के वर्षों की सबसे भयावह सड़क दुर्घटनाओं में से एक माना जा रहा है। तड़के घने कोहरे के बीच हुए इस दर्दनाक हादसे में 13 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि करीब 100 से अधिक लोग घायल हो गए। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसा इतना भीषण था कि कई पीड़ितों के शरीर बुरी तरह झुलस गए और कुछ की पहचान के लिए डीएनए जांच तक की जरूरत पड़ रही है।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, कम दृश्यता के कारण एक्सप्रेसवे पर एक के बाद एक कई वाहन आपस में टकरा गए। टक्कर के बाद एक बस या ईंधन से जुड़े वाहन में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते आसपास खड़े अन्य वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में कई बसें जलकर खाक हो गईं। अधिकतर यात्री उस समय सो रहे थे, जिससे उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका और वे बसों के भीतर ही फंस गए।

हादसे की सबसे दर्दनाक बात यह रही कि कई यात्री आपातकालीन खिड़की या निकास मार्ग से बाहर नहीं निकल पाए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बसों में रखा सामान और अचानक फैली आग निकासी में बड़ी बाधा बन गई। कुछ यात्रियों ने खिड़कियां तोड़ने की कोशिश की, लेकिन धुएं और आग के कारण सांस लेना मुश्किल हो गया। इसी वजह से कई लोग जिंदा जल गए और कई गंभीर रूप से झुलस गए।

घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। कई घायलों की हड्डियां टूटने, गंभीर जलन और दम घुटने की शिकायत सामने आई है। प्रशासन की ओर से एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और राहत-बचाव दल मौके पर भेजे गए, हालांकि कुछ स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी के आरोप भी लगाए हैं।

घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। अस्पतालों के बाहर परिजनों की भीड़ जुट गई, जो अपने अपनों की तलाश में बेहाल नजर आए। कई परिवारों को घंटों बाद अपने परिजनों के बारे में जानकारी मिल सकी। इस हादसे ने न सिर्फ पीड़ित परिवारों को गहरा सदमा दिया है, बल्कि सड़क सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, जो दुर्घटना के कारणों, रेस्क्यू में हुई संभावित चूक और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करेगी। साथ ही मृतकों के परिजनों को मुआवजा और घायलों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया गया है। यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि घने कोहरे में तेज रफ्तार और लापरवाही किस तरह जानलेवा साबित हो सकती है।

Leave a Comment

और पढ़ें