प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जॉर्डन की राजधानी अमान में अपने आधिकारिक दौरे के दौरान भारत–जॉर्डन संबंधों को नई दिशा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जॉर्डन पश्चिम एशिया क्षेत्र में भारत का एक अहम और भरोसेमंद साझेदार है तथा दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंध रहे हैं। पीएम मोदी ने इन पुराने रिश्तों को समय के साथ और अधिक मजबूत व जीवंत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि बदलते वैश्विक परिदृश्य में द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सके।
व्यापार और आर्थिक सहयोग पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज जॉर्डन का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन चुका है। उन्होंने भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि देश शीघ्र ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। ऐसे में जॉर्डन की कंपनियों के लिए भारत में निवेश, मैन्युफैक्चरिंग, स्टार्टअप, इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में अपार अवसर मौजूद हैं। पीएम मोदी ने जॉर्डन के उद्योगपतियों को भारत के विशाल उपभोक्ता बाजार और सुधारोन्मुख नीतियों का लाभ उठाने का आमंत्रण भी दिया।
दोनों देशों के नेताओं के बीच हुई बातचीत में उर्वरक, फॉस्फेट, खाद्य सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य, पर्यटन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। इसके साथ ही रक्षा सहयोग, आतंकवाद विरोधी प्रयासों और कट्टरपंथ के खिलाफ साझा रणनीति पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है और इससे निपटने के लिए भारत और जॉर्डन की सोच पूरी तरह एक जैसी है।
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों देशों के दृष्टिकोण में समानता देखने को मिली। पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और संवाद के महत्व पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत जॉर्डन के साथ मिलकर क्षेत्रीय चुनौतियों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। गाजा संकट समेत अन्य संवेदनशील मुद्दों पर मानवीय दृष्टिकोण और कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जॉर्डन दौरा भारत–जॉर्डन संबंधों को नई ऊर्जा देने वाला साबित हुआ। यह यात्रा न केवल व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में अहम रही, बल्कि दोनों देशों के बीच राजनीतिक, रणनीतिक और सांस्कृतिक साझेदारी को भी और अधिक मजबूत करने का आधार बनी।













