ठाणे में 11 दिसंबर, 2025 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और महाराष्ट्र आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने आतंकी वित्तपोषण के शक में संयुक्त कार्रवाई की। एजेंसियों ने पाडघा और आसपास के इलाकों में संदिग्धों के घरों और परिसरों पर छापेमारी शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य संदिग्धों के वित्तीय लेन-देन की जांच करना और आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े संभावित साक्ष्यों को जब्त करना है। ईडी की टीम विशेष रूप से बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रांजेक्शन और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि कोई धन आतंकवाद के लिए आवंटित किया गया था या नहीं।
इस कार्रवाई को एटीएस द्वारा पहले की गई जांचों और अभियानों के सिलसिले में देखा जा रहा है, जिसमें इलाके में आतंकवाद से संबंधित गतिविधियों की निगरानी की जा रही थी। प्रारंभिक तलाशी में एजेंसियों ने कई घरों और परिसरों की व्यवस्थित छानबीन की, लेकिन अभी तक बड़ी गिरफ्तारी या भारी मात्रा में जब्त सामग्री की जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारीयों ने बताया कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और आगे कानूनी कार्रवाई के लिए ठोस सबूत जुटाए जा रहे हैं।
पिछले कुछ महीनों में एटीएस और स्थानीय पुलिस ने पाडघा एवं आसपास के इलाकों में आतंकवाद से जुड़ी अन्य जांचें भी की थीं, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दस्तावेज और संदिग्ध साहित्य जब्त किए गए थे। वर्तमान छापेमारी को उसी व्यापक जांच का हिस्सा माना जा रहा है। एजेंसियों ने सार्वजनिक रूप से अभी तक किसी बड़े रैकेट या गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है, और मामले से जुड़ी जानकारी धीरे-धीरे आधिकारिक बयानों के माध्यम से ही साझा की जाएगी।
यह कार्रवाई महाराष्ट्र में आतंकवादी फंडिंग के खिलाफ चल रही निगरानी और जांच का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, और ठाणे इलाके में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को दर्शाती है।













