बिहार विधानसभा के नए अध्यक्ष के रूप में भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार का नाम सामने आया है। गया टाउन से नौ बार लगातार विधायक रह चुके प्रेम कुमार ने 1 दिसंबर 2025 को नई 18वीं विधानसभा के पहले सत्र में विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए एनडीए द्वारा नामांकन दाखिल किया। विपक्ष ने इस पद के लिए कोई उम्मीदवार नहीं उतारा, जिसके कारण प्रेम कुमार निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष बन गए।
प्रेम कुमार की राजनीतिक यात्रा छात्र राजनीति से शुरू हुई थी और 1990 में उन्होंने पहली बार भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बने। तब से वे लगातार नौ बार अपने क्षेत्र से विजयी रहे हैं, जो उनकी राजनीतिक मजबूती और क्षेत्रीय पकड़ का प्रतीक है। उन्होंने विभिन्न दौरों में कृषि, सहकारिता, पर्यावरण और वनोपज जैसे विभागों में मंत्री पद भी संभाले हैं। उनके अनुभव और वरिष्ठता को देखते हुए विधानसभा में उनकी नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक समझ की उम्मीद की जा रही है।
गया और आसपास के क्षेत्रों में उनके कार्य और लोकप्रियता के चलते लोग उनके विधानसभा अध्यक्ष बनने से बेहतर प्रतिनिधित्व और सरकार के साथ संवाद की उम्मीद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में बनी सरकार में भाजपा को यह अध्यक्ष पद मिलने से सदन में राजनीतिक संतुलन और कार्य प्रणाली में सहूलियत की संभावना बढ़ गई है। प्रेम कुमार का यह रिकॉर्ड, लगातार नौ बार विधायक बने रहने का, उनकी राजनीतिक पकड़ और अनुभव का प्रमाण है और अब यह देखना बाकी है कि वे अध्यक्ष के रूप में सदन की कार्यवाही और विधायी भूमिका में किस प्रकार सक्रिय रहते हैं।













