श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट ने बदला मंदिर का समय, आरती और दर्शन के घंटे हुए संशोधित

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अयोध्या स्थित श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामलला के दर्शन और आरती के समय में बदलाव की घोषणा की है। ट्रस्ट द्वारा जारी नई समय सारिणी आज से लागू कर दी गई है। यह निर्णय आगामी शीतकालीन मौसम और मंदिर में बढ़ती श्रद्धालु भीड़ को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार, अब सुबह और शाम की आरती के समय में संशोधन किया गया है, ताकि पूजा-अर्चना के क्रम में कोई बाधा न आए और भक्तों को सुचारू रूप से दर्शन का अवसर मिल सके।

ट्रस्ट के अधिकारियों ने बताया कि अयोध्या में मौसम में बदलाव के साथ मंदिर की दिनचर्या भी बदली जाती है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, रामलला के मंगला आरती, भोग आरती और शयन आरती के समय में परिवर्तन किया गया है। साथ ही, दर्शन के लिए निर्धारित कुल समय-स्लॉट को पुनः व्यवस्थित किया गया है ताकि सुबह से लेकर रात तक आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ का बेहतर प्रबंधन किया जा सके। यह बदलाव मंदिर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच हुई समीक्षा बैठक के बाद किया गया है।

राम मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था को लेकर हाल के महीनों में कई बदलाव किए गए हैं। जनवरी 2024 में रामलला के भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद से देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए ट्रस्ट समय-समय पर नई दिशानिर्देश जारी करता है। अब, जब अयोध्या में सर्दी का मौसम शुरू हो गया है, तो ट्रस्ट ने आरती और दर्शन की अवधि को मौसमी परिस्थितियों के अनुरूप बनाया है, जिससे भक्तों और पुजारियों दोनों को सुविधा मिल सके।

नई समय-सारिणी के अनुसार, सुबह की आरती अब पहले से कुछ देर बाद होगी, जबकि रात की शयन आरती का समय थोड़ा पहले कर दिया गया है। इससे मंदिर के भीतर दैनिक पूजा-अनुष्ठान का समय-संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलेगी। साथ ही, दर्शन पास और स्लॉट प्रणाली में भी मामूली परिवर्तन किए गए हैं। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे अयोध्या आने से पहले आधिकारिक वेबसाइट या सूचना केंद्र से दर्शन समय की पुष्टि कर लें, ताकि किसी असुविधा से बचा जा सके।

ट्रस्ट के सूत्रों के मुताबिक, विशेष अवसरों और त्योहारों पर दर्शन समय में अतिरिक्त बदलाव संभव हैं। दीपावली, राम नवमी, या विशेष उत्सवों के दौरान भक्तों की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त दर्शन स्लॉट जोड़े जा सकते हैं। इसके लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग के सहयोग से विस्तृत योजना तैयार की जा रही है।

गौरतलब है कि अयोध्या में रामलला की नियमित पूजा-विधि और आरती-संस्कृति मंदिर परंपरा के अनुरूप होती है। प्रत्येक मौसम में समय में परिवर्तन एक सामान्य प्रक्रिया है, ताकि तापमान, रोशनी और भीड़ नियंत्रण के अनुसार धार्मिक क्रियाओं को सुव्यवस्थित किया जा सके। ट्रस्ट का कहना है कि उनका प्रमुख उद्देश्य भक्तों को बेहतर दर्शन अनुभव उपलब्ध कराना और मंदिर की गरिमा को बनाए रखना है।

श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे नई समय-सारिणी का पालन करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सम्मान करें। नई व्यवस्था से न केवल भक्तों को सुगमता मिलेगी बल्कि मंदिर परिसर में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।

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