बिहार के लखीसराय जिले स्थित प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर (इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर) में सोमवार, 17 अगस्त 2026 को सुबह सावन की तीसरी सोमवारी के दौरान भीषण भगदड़ मच गई। इस हादसे में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 12 से 19 लोग घायल हुए। घायलों को लखीसराय सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कैसे हुआ हादसा?
सुबह करीब 6:30 से 6:45 बजे के बीच घटना हुई। अशोक धाम हॉल्ट रेलवे स्टेशन से मंदिर तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी हुई थी। इसी दौरान दो पैसेंजर ट्रेनें एक साथ पहुंच गईं, जिससे भीड़ अचानक बढ़ गई।
भीड़ के दबाव में एक तरफ बैरिकेडिंग टूट गई। उसी दौरान पास में बिजली का खंभा (पोल) गिर गया और तार टूट गया। तुरंत अफवाह फैल गई कि लाइव वायर गिर गया है और करंट लग रहा है (हालांकि प्रशासन के अनुसार वह केवल केबल वायर था)। इससे महिलाओं की लाइन पर दबाव बढ़ गया और लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े।
जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि भीड़ अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई थी। प्रशासन ने तैयारियां की थीं, लेकिन दबाव इतना ज्यादा था कि बैरिकेड टूट गया।
मृतकों की पहचान
हादसे में मारे गए सभी सात लोग महिलाएं हैं। पहचाने गए मृतकों में शामिल हैं:
मनमाला देवी (44) – बड़हिया, लखीसराय
हेमलता देवी (55) – प्रतापपुर, हलसी, लखीसराय
ललिता देवी – प्रतापपुर, हलसी, लखीसराय
रिंकू देवी (50) – मुंगेर
सविता देवी/कुमारी
सरोज देवी
सावित्री देवी
प्रशासन और राहत कार्य
घटना के तुरंत बाद पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे। घायलों को एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है और घायलों के इलाज के लिए निर्देश दिए हैं।
अशोक धाम मंदिर का महत्व
यह मंदिर लखीसराय के रजौना चौकी में स्थित है। 7 अप्रैल 1977 को गिल्ली-डंडा खेलते समय अशोक नाम के युवक को विशाल शिवलिंग मिला था। इसी के नाम पर मंदिर अशोक धाम कहलाता है। सावन के महीने में यहां जलाभिषेक के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। पहले भी 2019 में यहां भगदड़ हो चुकी है।












