चंडीगढ़/गुरुग्राम: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने हरियाणा सरकार के बड़े वित्तीय घोटाले में एक और वरिष्ठ IAS अधिकारी को गिरफ्तार किया है। 2000 बैच के हरियाणा कैडर के IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल (पूर्व प्रिंसिपल सेक्रेटरी, स्कूल एजुकेशन और एग्रीकल्चर विभाग) को IDFC First Bank की सेक्टर-32, चंडीगढ़ शाखा से जुड़े ₹504 करोड़ के फंड मिसअप्रोप्रिएशन मामले में 23 जून 2026 को गिरफ्तार किया गया।
यह मामला हरियाणा सरकार के आठ विभागों से जुड़ा है, जिनके खाते IDFC First Bank की चंडीगढ़खा में रखे गए थे। आरोप है कि फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट रसीदों (FDR) और डेबिट नोट्स के जरिए पैसे शेल कंपनियों में ट्रांसफर कर दिए गए।
पंकज अग्रवाल के कार्यकाल के दौरान उनके विभागों — हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) और हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड (HSAMB) — से लगभग ₹60.54 करोड़ का गबन हुआ, जो पूरे ₹504 करोड़ घोटाले का हिस्सा है। CBI के अनुसार, सरकारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए बैंक अकाउंट खोले गए और फंड्स की लिमिट से ज्यादा ट्रांसफर किए गए।
घोटाला मई 2023 से जुलाई 2025 के बीच हुआ। CBI ने पहले भी कई बैंक अधिकारियों और अन्य IAS अधिकारियों (जैसे राम कुमार सिंह) को गिरफ्तार किया है। पंकज अग्रवाल पर डिजिटल सबूत मिटाने के आरोप भी लगे हैं।
CBI की कार्रवाई
CBI ने पंकज अग्रवाल को 2 दिन की रिमांड में लिया और बाद में न्यायिक हिरासत में भेजा।
हरियाणा सरकार ने उन्हें सस्पेंड कर दिया।
कुल मिलाकर 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
यह घोटाला हरियाणा प्रशासन में हड़कंप मचा रहा है। CBI जांच जारी रखे हुए है और और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।चंडीगढ़/गुरुग्राम: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने हरियाणा सरकार के बड़े वित्तीय घोटाले में एक और वरिष्ठ IAS अधिकारी को गिरफ्तार किया है। 2000 बैच के हरियाणा कैडर के IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल (पूर्व प्रिंसिपल सेक्रेटरी, स्कूल एजुकेशन और एग्रीकल्चर विभाग) को IDFC First Bank की सेक्टर-32, चंडीगढ़ शाखा से जुड़े ₹504 करोड़ के फंड मिसअप्रोप्रिएशन मामले में 23 जून 2026 को गिरफ्तार किया गया।
यह मामला हरियाणा सरकार के आठ विभागों से जुड़ा है, जिनके खाते IDFC First Bank की चंडीगढ़ शाखा में रखे गए थे। आरोप है कि फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट रसीदों (FDR) और डेबिट नोट्स के जरिए पैसे शेल कंपनियों में ट्रांसफर कर दिए गए।
पंकज अग्रवाल के कार्यकाल के दौरान उनके विभागों — हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) और हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड (HSAMB) — से लगभग ₹60.54 करोड़ का गबन हुआ, जो पूरे ₹504 करोड़ घोटाले का हिस्सा है। CBI के अनुसार, सरकारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए बैंक अकाउंट खोले गए और फंड्स की लिमिट से ज्यादा ट्रांसफर किए गए।
घोटाला मई 2023 से जुलाई 2025 के बीच हुआ। CBI ने पहले भी कई बैंक अधिकारियों और अन्य IAS अधिकारियों (जैसे राम कुमार सिंह) को गिरफ्तार किया है। पंकज अग्रवाल पर डिजिटल सबूत मिटाने के आरोप भी लगे हैं।
CBI की कार्रवाई
CBI ने पंकज अग्रवाल को 2 दिन की रिमांड में लिया और बाद में न्यायिक हिरासत में भेजा।
हरियाणा सरकार ने उन्हें सस्पेंड कर दिया।
कुल मिलाकर 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
यह घोटाला हरियाणा प्रशासन में हड़कंप मचा रहा है। CBI जांच जारी रखे हुए है और और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।












