नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को बदलकर विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G योजना लागू कर दी है। यह योजना 1 जुलाई 2026 से पूरे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी हो गई है।
इस नई योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाना, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करना है।
योजना की प्रमुख विशेषताएं:
125 दिनों की रोजगार गारंटी: हर ग्रामीण परिवार (जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक काम करने को तैयार हों) को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों का गारंटीड मजदूरी रोजगार मिलेगा। पहले MGNREGA में यह सीमा 100 दिन थी।
नए वेतन दरें: न्यूनतम दैनिक मजदूरी ₹300 तय की गई है। विभिन्न राज्यों में यह ₹300 से ₹450 तक हो सकती है। राष्ट्रीय औसत मजदूरी अब लगभग ₹327 हो गई है (पिछले औसत से 10%+ बढ़ोतरी)।
साप्ताहिक/त्वरित भुगतान: मजदूरी साप्ताहिक आधार पर या अधिकतम 15 दिनों के अंदर DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) से बैंक/पोस्ट ऑफिस खाते में जमा होगी। देरी पर मुआवजा का प्रावधान।
कृषि मौसम में 60 दिन का विराम: बुवाई और कटाई के पीक सीजन में 60 दिन तक काम नहीं दिया जाएगा, ताकि कृषि क्षेत्र में मजदूर उपलब्ध रहें। बाकी 305 दिनों में 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित।
फंडिंग मॉडल: सामान्य राज्यों में केंद्र-राज्य अनुपात 60:40, पूर्वोत्तर राज्यों में 90:10।
डिजिटल पारदर्शिता: AI, GPS, बायोमेट्रिक और जियो-टैगिंग से निगरानी। भ्रष्टाचार पर अंकुश।
अन्य प्रावधान: बेरोजगारी भत्ता, 3 साल की जॉब कार्ड वैलिडिटी, कमजोर वर्गों के लिए विशेष कार्ड आदि।
योजना का लाभ
ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी, स्थानीय बुनियादी ढांचा (सड़क, जल संरक्षण, सिंचाई आदि) बनेगा और कृषि व गैर-कृषि दोनों क्षेत्रों को संतुलित विकास मिलेगा। सरकार ने FY 2026-27 के लिए ₹95,692 करोड़ से अधिक का अंतरिम आवंटन जारी किया है।
From MGNREGA to VB-G Ram G: A Field Researcher’s Take – TCI
कैसे आवेदन करें?
ग्राम पंचायत या संबंधित कार्यालय में जॉब कार्ड के लिए आवेदन दें।
काम की मांग लिखित रूप में करें।
काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता मिलेगा।
VB-G RAM G योजना ग्रामीण भारत को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट nrega.nic.in या स्थानीय ग्राम पंचायत से संपर्क करें।












