शामली (उत्तर प्रदेश), 30 जून 2026: शामली के知名 दवा व्यापारी देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक ने इस्लाम धर्म अपनाने के कुछ हफ्तों बाद सनातन हिंदू धर्म में वापसी कर ली है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर अपनी मर्जी से यह फैसला बताते हुए परिवार से माफी मांगी और घर के मंदिर में पूजा-पाठ भी किया। यह घटना उत्तर प्रदेश के धर्मांतरण विवाद में नया मोड़ लाई है।
पूरी कहानी: प्रेम और धर्मांतरण का विवाद
आयुष मलिक (लगभग 27-30 वर्षीय) ने कुछ वर्ष पहले (करीब 4-5 साल पहले) जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी से रिश्ते के दौरान इस्लाम कबूल कर लिया था और खुद को मोहम्मद अली नाम से पुकारने लगे थे। उनके पिता देवराज मलिक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि बेटे पर दबाव डालकर धर्म परिवर्तन कराया गया और प्रॉपर्टी हड़पने की साजिश है।
इस मामले में चांदनी कुरैशी और उनके पिता इस्लाम कुरैशी समेत कुछ लोगों को उत्तर प्रदेश के एंटी-कन्वर्शन लॉ के तहत गिरफ्तार भी किया गया था। आयुष ने पहले खुद कहा था कि उन्होंने अपनी मर्जी से इस्लाम अपनाया है।
हालांकि, अब आयुष ने वीडियो में अपनी मां को संबोधित करते हुए कहा: “मैं इस्लाम में चला गया था, मैंने धर्म बदल लिया था। लेकिन आपकी परेशानी देखकर और परिवार को ध्यान में रखते हुए, अपनी मर्जी से मैं हिंदू धर्म में वापस आ गया हूं। मैं पापा के प्यार और आशीर्वाद में रहना चाहता हूं। मुझे माफ कर दो।”
वीडियो में आयुष घर के मंदिर में हनुमान जी की पूजा करते नजर आए हैं। स्वामी यशवीर महाराज ने भी इसकी पुष्टि की है।
परिवार की प्रतिक्रिया
देवराज मलिक ने बेटे की घर वापसी का दावा किया है। परिवार ने राहत व्यक्त की है कि आयुष अब सनातन धर्म में लौट आए हैं और परिवार के साथ रहेंगे।
सामाजिक और कानूनी प्रभाव
यह मामला उत्तर प्रदेश में अंतरधार्मिक रिश्तों, लव जिहाद के आरोपों और एंटी-कन्वर्शन कानून पर बहस छेड़ गया है। कुछ हिंदू संगठन इसे ‘घर वापसी’ की सफलता बता रहे हैं, जबकि विपक्षी पक्ष इसे दबाव का नतीजा मान रहे हैं। पुलिस जांच जारी है।












