सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से राहत: मेघालय हनीमून मर्डर केस में बेल पर रोक लगाने से इनकार, लेकिन कुछ रिजर्वेशन

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नई दिल्ली/शिलांग: मेघालय हनीमून मर्डर केस में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से अस्थायी राहत मिल गई है। न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और शील नागू की बेंच ने मेघालय सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए मेघालय हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने मामले में कुछ रिजर्वेशन जताए और सोनम को नोटिस जारी किया।

केस की पूरी डिटेल्स

  • घटना: मई 2025 में इंदौर के राजा रघुवंशी (29) और सोनम रघुवंशी (25) की शादी हुई थी। दोनों हनीमून पर मेघालय (सोहरा/चेरीपुंजी) गए थे। 23 मई को दोनों गायब हो गए। 2 जून को राजा का शव वेई सॉडॉन्ग फॉल्स के नीचे गहरी खाई में मिला। पुलिस ने इसे हत्या का मामला माना।
  • आरोप: सोनम पर आरोप है कि उसने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को हायर किया और राजा की हत्या की साजिश रची। मोटिव वित्तीय लाभ बताया गया। सोनम को जून 2025 में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया। चार अन्य आरोपी भी गिरफ्तार हुए।
  • ट्रायल कोर्ट का फैसला: अप्रैल 2026 में शिलांग कोर्ट ने सोनम को जमानत दे दी, मुख्यतः गिरफ्तारी दस्तावेजों में गंभीर प्रक्रियागत खामियों (गलत धाराएं, आर्मी डेजर्टिंग जैसी गलतियां) का हवाला देते हुए।
  • हाईकोर्ट: 29 जून 2026 को मेघालय हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा और राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी।
  • सुप्रीम कोर्ट: 3 जुलाई 2026 को सुनवाई हुई। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तकनीकी खामी को “मात्र टाइपोग्राफिकल एरर” बताया और फरार होने का खतरा बताया। बेंच ने कहा कि प्राइमा फेसिए हाईकोर्ट के ऑर्डर पर रोक लगाई जा सकती थी, लेकिन चूंकि सोनम पहले ही रिहा हो चुकी है, इसलिए फिलहाल हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को।

नई ट्विस्ट: गिरफ्तारी दस्तावेजों में गलतियां (जैसे आर्मी डेजर्टिंग का उल्लेख) को लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने सवाल उठाए। राज्य सरकार का तर्क है कि यह छोटी गलती है और जमानत रद्द होनी चाहिए। राजा परिवार ने भी जमानत रद्द करने की मांग की है। ट्रायल अभी चल रहा है।

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