लखनऊ — उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र (पुरनिया चौराहा, उषा मेहता मार्ग, सेक्टर-D) में सोमवार दोपहर एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लग गई। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर 16-27 साल के छात्र शामिल हैं। 9 लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई छात्र बचने के लिए पहली और दूसरी मंजिल से कूद पड़े।
घटना का विवरण…
इमारत के ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर पेट शॉप व वेटरनरी क्लिनिक था।
सेकंड फ्लोर पर “Learning Space” लाइब्रेरी/कोचिंग सेंटर और “Head Hopper Studio” (3D एनिमेशन, गेमिंग जोन व एसेट आउटसोर्सिंग) था।
थर्ड फ्लोर पर IT नेटवर्किंग ऑफिस था।
आग संभवतः शॉर्ट सर्किट (AC डक्ट में) से लगी। धुआं और लपटें तेजी से फैलीं। इमारत में फायर सेफ्टी नॉर्म्स की घोर अनदेखी थी — कोई फायर NOC नहीं, इमरजेंसी एग्जिट ब्लॉक, रेसिडेंशियल बिल्डिंग को कमर्शियल यूज में बदला गया था।
आंखों देखने वालों ने बताया कि छात्र चीखते हुए तारों के सहारे उतरने और कूदने की कोशिश कर रहे थे। दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग पर काबू पाने में समय लगा।
प्रशासन की कार्रवाई…
CM योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल का दौरा किया, घायलों से मुलाकात की और SIT जांच के आदेश दिए। रिपोर्ट 7 दिनों में मांगी गई।
4 अधिकारियों को सस्पेंड किया गया: एग्जीक्यूटिव इंजीनियर गौरव कुमार, फायर स्टेशन सेकंड ऑफिसर कमलेंद्र सिंह, असिस्टेंट इंजीनियर अनिल कुमार और जूनियर इंजीनियर प्रमोद पांडे।
मुआवजा: मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख (राज्य) + ₹2 लाख (PM)। घायलों को ₹50,000।
पुलिस ने 3-4 गिरफ्तारियां कीं — बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला, कोचिंग संचालक कृष्णा जायसवाल और पेट शॉप मालिक रामकृष्ण उपाध्याय समेत। FIR दर्ज।
PM नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया और मुआवजे की घोषणा की। CM योगी ने मंगलवार के कार्यक्रम रद्द कर दिए।












