केजरीवाल का E20 पेट्रोल के खिलाफ नेशनल टाउनहॉल: वाहन मालिकों की शिकायतें और विकल्प की मांग

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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार, 1 अगस्त 2026 को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में E20 (20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल) के खिलाफ नेशनल टाउनहॉल आयोजित किया। कार्यक्रम सुबह करीब 11:30 बजे शुरू हुआ। इसमें दिल्ली-NCR से लोग व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए, जबकि देशभर से हजारों लोग ऑनलाइन जुड़े। रिपोर्ट्स के अनुसार ऑनलाइन व्यूअरशिप कई लाख तक पहुंच गई।

कार्यक्रम का मकसद और मुख्य मुद्दे

केजरीवाल और AAP ने इस टाउनहॉल को इसलिए आयोजित किया ताकि वाहन मालिकों, विशेषज्ञों और आम नागरिकों की शिकायतों को एक मंच मिले। लोगों की मुख्य शिकायतें थीं:

  • माइलेज में कमी (कई मामलों में 5-15 प्रतिशत या उससे अधिक की रिपोर्ट)
  • पुराने वाहनों (खासकर 2023 से पहले के) के इंजन, फ्यूल सिस्टम और रबर पार्ट्स पर असर
  • रखरखाव का खर्च बढ़ना
  • शुद्ध पेट्रोल (E0) या कम ब्लेंड (E10) का विकल्प न होना

AAP का कहना है कि केंद्र सरकार ने E20 को बिना पर्याप्त तैयारी और विकल्प दिए अनिवार्य रूप से लागू कर दिया है। पार्टी की ऑनलाइन याचिका (stope20petrol.com) में मांग की गई है कि E20 को वैकल्पिक बनाया जाए, शुद्ध पेट्रोल उपलब्ध रहे और E20 की कीमत कम रखी जाए। याचिका पर पहले ही दो लाख से ज्यादा हस्ताक्षर हो चुके थे।

टाउनहॉल में वाहन मालिकों ने अपने अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों (जैसे पर्यावरण संबंधी प्रोफेसर) और अन्य प्रतिभागियों ने भी मुद्दे पर चर्चा की। कुछ रिपोर्ट्स में कॉमेडी एलिमेंट (PM मोदी की नकल) का भी जिक्र आया। AAP नेताओं ने केंद्र पर दबाव बनाने और याचिका को आगे बढ़ाने की अपील की।

E20 क्या है और सरकार का पक्ष

E20 का मतलब है पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाना। भारत ने यह लक्ष्य 2030 से आगे बढ़ाकर 2025 तक हासिल करने का दावा किया। सरकार का तर्क है कि इससे:

  • कच्चे तेल के आयात में कमी और विदेशी मुद्रा की बचत होती है
  • किसानों (गन्ना, मक्का आदि) की आय बढ़ती है
  • कार्बन उत्सर्जन कम होता है
  • ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होती है

सरकार का दावा है कि नए वाहन (2023 के बाद) E20-कंपैटिबल बनाए गए हैं और बड़े पैमाने पर इंजन खराबी के वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। कुछ अध्ययनों में माइलेज में मामूली गिरावट (1-6 प्रतिशत) स्वीकार की गई है, लेकिन इसे कुल लाभ के मुकाबले छोटा बताया जाता है।

राजनीतिक और व्यावहारिक पहलू

केजरीवाल ने कार्यक्रम से पहले आरोप लगाया था कि केंद्र पुलिस के जरिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पर दबाव डालकर कार्यक्रम रद्द करवाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन क्लब ने बुकिंग रद्द नहीं की। उन्होंने युवाओं द्वारा उठाए गए अन्य मुद्दों का हवाला देते हुए कहा कि E20 पर भी एकजुट होकर आवाज उठानी होगी।

यह मुद्दा सिर्फ राजनीतिक नहीं है। कई वाहन मालिक (खासकर दोपहिया और पुरानी कारों के) रोजमर्रा के खर्च और रखरखाव की चिंता जता रहे हैं। साथ ही इथेनॉल ब्लेंडिंग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आयात में कमी के फायदे भी हैं। मांग मुख्य रूप से “चॉइस” (विकल्प) और पारदर्शिता की है—शुद्ध पेट्रोल या कम ब्लेंड उपलब्ध रहे और पुराने वाहनों के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश हों।

कार्यक्रम के बाद AAP याचिका को प्रधानमंत्री तक पहुंचाने और आगे आंदोलन की रणनीति पर काम कर सकती है।

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