अमित शाह ने लॉन्च किया LPMS: स्मार्ट बॉर्डर की नई क्रांति, व्यापार 16 गुना बढ़ा

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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (LPMS) का शुभारंभ किया। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म देश की भूमि सीमाओं को आधुनिक, सुरक्षित और कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। LPMS और स्मार्ट बॉर्डर मिलकर अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने तथा सुरक्षित सीमा व्यवस्था स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

LPMS क्या है और क्यों महत्वपूर्ण?…

LPMS लैंड पोर्ट्स पर कार्गो, वाहनों और यात्रियों की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने वाला एकीकृत प्लेटफॉर्म है। इसमें 90% कागजी कार्यवाही समाप्त हो जाएगी। अब सिंगल इलेक्ट्रॉनिक विंडो के माध्यम से सभी काम आसानी से होंगे, जिससे 40-60% समय की बचत होगी।

यह सिस्टम ICEGATE, मोटर वाहन प्रणाली, CBIC, BSF, DGFT, UIDAI और ULIP जैसी प्रमुख एजेंसियों को एक मंच पर जोड़ता है। इससे रियल-टाइम डेटा शेयरिंग संभव होगी और सीमा पर विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनेगा।

मोदी सरकार में लैंड पोर्ट्स का विस्तार…

वर्तमान में देश में 15 लैंड पोर्ट संचालित हैं।

अगले 3 वर्षों में 11 और नए लैंड पोर्ट विकसित करने की योजना है।

2014 में लैंड पोर्ट व्यापार मात्र ₹5,000 करोड़ का था, जो आज ₹83,000 करोड़ पहुंच गया है। यानी 12 वर्षों में 16 गुना वृद्धि।

अमित शाह ने कहा कि लैंड पोर्ट केवल व्यापार का माध्यम नहीं, बल्कि सुरक्षा कवच, सांस्कृतिक संपर्क और सीमावर्ती क्षेत्रों से पलायन रोकने का सशक्त साधन भी हैं।

सीमावर्ती क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव…

सीमावर्ती जिलों में LPMS स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और पलायन के दबाव को कम करेगा। यह चतुष्कोणीय सीमा सुरक्षा रणनीति का प्रमुख स्तंभ बनकर उभर रहा है। कार्गो, वाहनों और विभिन्न एजेंसियों का समन्वय अब एक ही प्लेटफॉर्म पर संभव हो गया है।

अमित शाह के मुख्य बयान

“LPMS लॉन्च के साथ 90% कागजी प्रक्रिया समाप्त हो गई। स्मार्ट बॉर्डर का नया डिजिटल आधार तैयार हो गया है।”

“लैंड पोर्ट केवल व्यापार नहीं, सुरक्षा, संस्कृति और विकास का माध्यम भी हैं।”

“LPMS देश की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।”

LPMS की प्रमुख सुविधाएं…

स्लॉट बुकिंग, ऑनलाइन पेमेंट, रियल-टाइम ट्रैकिंग

सिंगल विंडो क्लियरेंस

एयरपोर्ट और सीपोर्ट के बराबर डिजिटल वर्कफ्लो

बेहतर सुरक्षा और पारदर्शिता

यह पहल विकसित भारत 2047 के विजन को मजबूत करेगी और सीमा प्रबंधन को पूरी तरह डिजिटल बनाएगी।

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