कोलकाता/नई दिल्ली: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) में पश्चिम बंगाल आखिरकार शामिल हो गया। 8 जून 2026 को दिल्ली में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच MoU पर हस्ताक्षर हुए। इस ऐतिहासिक कदम के साथ PM-JAY अब पूरे देश में लागू हो चुकी है और बंगाल इस योजना को लागू करने वाला 36वां राज्य/केंद्रशासित प्रदेश बन गया है।
योजना के तहत राज्य के लगभग 1.43 करोड़ परिवारों (करीब 6 करोड़ लोगों) को सालाना ₹5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवरेज मिलेगा। इलाज पूरे देश के 36,000+ सरकारी और निजी अस्पतालों में उपलब्ध होगा। रोलआउट जुलाई 2026 से शुरू होगा और स्वस्थ्य साथी कार्डधारकों को आयुष्मान कार्ड में ट्रांसफर किया जाएगा।
योजना की प्रमुख बातें:…
कवरेज: सेकेंडरी और टर्शियरी केयर हॉस्पिटलाइजेशन के लिए ₹5 लाख प्रति परिवार प्रति वर्ष।
लाभार्थी: पहले की स्वस्थ्य साथी योजना के 6 करोड़ लाभार्थियों को शामिल किया जाएगा। साथ ही नए पात्र परिवार भी जोड़े जाएंगे।
राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी: बंगाल के लोग देश के किसी भी कोने में इलाज करा सकेंगे — जो पहले राज्य योजना में नहीं था।
उद्देश्य: कैटास्ट्रॉफिक स्वास्थ्य खर्च से परिवारों की रक्षा और आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च को कम करना (जो पहले 64% से घटकर 43% हो चुका है)।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने इसे सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में मील का पत्थर बताया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि अब बंगाल की जनता को बेहतर और व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
पृष्ठभूमि: पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने 7-8 साल पहले इस योजना से बाहर रहने का फैसला किया था और अपनी स्वस्थ्य साथी योजना चला रही थी। नई सरकार के आने के बाद केंद्र के साथ समझौता हो गया।












