नई दिल्ली, 4 जून 2026 — केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत 2.07 लाख से ज्यादा पुराने BS-IV और उससे पुराने ट्रकों तथा बसों को BS-VI मानकों वाले वाहनों या इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) से बदला जाएगा।
योजना की मुख्य बातें:…
कुल बजट: ₹9,585 करोड़ (केंद्र सरकार का योगदान ₹5,041 करोड़, राज्यों द्वारा कर रियायतें ₹1,601 करोड़)।
लक्ष्य: दिल्ली-एनसीआर (दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान) में पंजीकृत 1.91 लाख ट्रक और 16,329 बसें।
समयावधि: 2 वर्ष की योजना, NCRPB (National Capital Region Planning Board) के माध्यम से लागू की जाएगी।
लाभ:
5% ब्याज सब्सिडी (5 वर्ष के लिए ऋण पर)।
टैक्स छूट।
ईंधन वाउचर।
नए वाहन खरीदने पर प्रोत्साहन।
शर्तें:
BS-III और पुराने वाहन: अनिवार्य रूप से रजिस्टर्ड स्क्रैपिंग सेंटर पर स्क्रैप करने होंगे।BS-IV वाहन: या तो स्क्रैप करें या NCR के बाहर गैर-NCAP शहरों में बेचें।
नए वाहन NCR में ही पंजीकृत होने चाहिए।
दिल्ली में हल्के मालवाहक वाहन केवल इलेक्ट्रिक होंगे, बसें BS-VI CNG या इलेक्ट्रिक होंगी।
सरकारी वाहन इस योजना के दायरे से बाहर हैं।
यह योजना दिल्ली-एनसीआर में परिवहन क्षेत्र से होने वाले 36% प्रदूषण को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का यह कदम स्वच्छ वायु और हरित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।












