नई दिल्ली, 3 जून 2026: NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक घोटाले की जांच तेज हो गई है। CBI की टीम पूरे देश में छापेमारी कर रही है और अब तक 13 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। परीक्षा 3 मई 2026 को हुई थी, जिसे बड़े स्तर पर अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया था।
घटना की पूरी डिटेल…
परीक्षा रद्द: NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द करने का ऐलान किया। लगभग 22.8 लाख छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी।
री-एग्जाम: नई परीक्षा 21 जून 2026 को प्रस्तावित है। छात्रों से कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी।
लीक का तरीका: जांच में पता चला कि एक “गेस पेपर” या “क्वेश्चन बैंक” कोचिंग सेंटर्स (खासकर राजस्थान के सीकर, महाराष्ट्र के लातूर और पुणे) के माध्यम से व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर फैलाया गया था। इसमें कई सौ सवाल असली पेपर से मैच कर रहे थे।
CBI की प्रमुख गिरफ्तारियां…
- पी.वी. कुलकर्णी (पुणे): केमिस्ट्री प्रोफेसर और NTA पैनल के एक्सपर्ट — मुख्य आरोपी माने जा रहे हैं।
- मनीषा मंधारे (पुणे): बायोलॉजी लेक्चरर और NTA एक्सपर्ट।
- शिवराज मोतेगांवकर (लातूर): रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेस के संस्थापक।
अन्य गिरफ्तार: पुणे स्कूल की हेडमिस्ट्रेस, लातूर डॉक्टर, राजस्थान और हरियाणा के इंटरमीडियरी।
CBI पूरे NTA पेपर सेटिंग पैनल और अंदरूनी स्रोत की जांच कर रही है। कई राज्यों (राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा) में छापेमारी जारी है।
छात्रों और राजनीति पर असर…
देशभर में छात्रों के प्रदर्शन हुए। कई जगहों पर NTA और सरकार के खिलाफ नारेबाजी हुई। विपक्ष ने NTA को भंग करने और परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट में भी याचिकाएं दायर की गई हैं, जिसमें NTA के पुनर्गठन और CBI रिपोर्ट मांगी गई है।












