नई दिल्ली, 3 जून 2026: भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्य कांत ने मंगलवार 2 जून 2026 को सुप्रीम कोर्ट के पांच नए न्यायाधीशों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस शपथ ग्रहण समारोह के साथ सुप्रीम कोर्ट की कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है (मंजूर कुल पद 38)।
शपथ लेने वाले नए न्यायाधीश…
- जस्टिस शील नागू — पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश
- जस्टिस श्री चंद्रशेखर — बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश
- जस्टिस संजीव सच्चदेवा — मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश
- जस्टिस अरुण पल्ली — जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश
- जस्टिस वी. मोहना (वरिष्ठ अधिवक्ता) — चेन्नई की वरिष्ठ वकील, बार से सीधे सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त होने वाली दूसरी महिला न्यायाधीश
केंद्र सरकार ने 1 जून 2026 को इन नियुक्तियों को मंजूरी दी थी। कॉलेजियम की सिफारिश मात्र 4-5 दिनों में स्वीकार की गई।
यह नियुक्तियां मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश संख्या बढ़ाकर 38 करने वाले अध्यादेश के बाद पहली बड़ी नियुक्ति हैं।
उद्देश्य: सुप्रीम कोर्ट में लंबित 80,000 से अधिक मामलों का तेजी से निपटारा करना। नए जज तुरंत काम पर लग गए हैं।
समारोह की खासियत…
शपथ ग्रहण समारोह सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायालय भवन में हुआ। इसमें सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जजों, सीनियर वकीलों और कानून मंत्रालय के अधिकारी मौजूद थे। समारोह को संक्षिप्त और गरिमापूर्ण रखा गया।
जस्टिस वी. मोहना की नियुक्ति को खास माना जा रहा है क्योंकि वे पहली पीढ़ी की वकील हैं और बार से सीधे सर्वोच्च अदालत पहुंचने वाली सिर्फ दूसरी महिला हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इसे महिलाओं की प्रगति का मील का पत्थर बताया।
सुप्रीम कोर्ट में जजों की कमी लंबे समय से एक मुद्दा रहा है। केंद्र सरकार के हालिया अध्यादेश के बाद यह नियुक्ति लंबित मामलों को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।












