बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को नई गति: बेंगलुरु-चेन्नई और दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर के लिए डिजाइन कंसल्टेंसी बिड्स आमंत्रित

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नई दिल्ली। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के बाद अगले चरण में दो महत्वपूर्ण हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को प्राथमिकता देते हुए डिजाइन कंसल्टेंसी के लिए ग्लोबल बिड्स आमंत्रित कर दिए हैं। ये कॉरिडोर हैं – बेंगलुरु-चेन्नई और दिल्ली-वाराणसी

यह कदम 2026 के केंद्रीय बजट में घोषित भारत हाई स्पीड रेल प्रोग्राम के तहत उठाया गया है, जिसमें कुल करीब 4000 किलोमीटर लंबे सात नए हाई-स्पीड कॉरिडोर शामिल हैं।

बेंगलुरु-चेन्नई कॉरिडोर की मुख्य बातें:

  • लंबाई: लगभग 306 किलोमीटर।
  • डिजाइन स्पीड: 350 किमी प्रति घंटा।
  • यात्रा समय: वर्तमान में कई घंटों की बजाय महज 73 मिनट (लगभग 1 घंटा 13 मिनट)।
  • मुख्य फीचर्स: तीन अंडरग्राउंड स्टेशन (चेन्नई, व्हाइटफील्ड और बैयप्पनहल्ली), कुल 15.9 किलोमीटर लंबी तीन सुरंगें।
  • महत्व: दक्षिण भारत के टेक हब्स को जोड़ने वाला यह कॉरिडोर आर्थिक विकास को बूस्ट देगा।

दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर की मुख्य बातें:

  • लंबाई: लगभग 865 किलोमीटर।
  • डिजाइन स्पीड: 350 किमी प्रति घंटा।
  • यात्रा समय: मौजूदा 8-12 घंटे की जगह महज 3 घंटे 15 मिनट के आसपास।
  • मुख्य फीचर्स: नोएडा के जेवर एयरपोर्ट पर अंडरग्राउंड स्टेशन, 9.4 किलोमीटर लंबी सुरंग समेत अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर।

NHSRCL ने स्टैंडर्डाइज्ड सिविल स्ट्रक्चर डिजाइन (प्लेटफॉर्म, पुल, सुरंग आदि) तैयार करने के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने के लिए टेंडर जारी किया है। यह अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी बिडिंग के जरिए होगा। टेंडर नंबर: NHSRCL/CO/CA/DDC-CIVIL/2026/12। प्री-प्रपोजल कॉन्फ्रेंस 15 जुलाई 2026 को निर्धारित है।

ये प्रोजेक्ट्स पूरा होने पर न सिर्फ यात्रा समय में भारी कमी आएगी बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, रोजगार और आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। NHSRCL मुंबई-अहमदाबाद प्रोजेक्ट के अनुभव के आधार पर इन नए कॉरिडोर को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।

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