नई दिल्ली, 23 जून 2026: दिल्ली सरकार ने झुग्गीवासियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) की 36वीं बोर्ड बैठक में तय किया गया कि 1 जनवरी 2025 तक स्थापित सभी पात्र झुग्गी बस्तियों (JJ Clusters) के निवासियों को पुनर्वास का लाभ दिया जाएगा।
इस फैसले से राजधानी की झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में रहने वाले लगभग 4 से 5 लाख परिवारों यानी करीब 20 लाख लोगों को पक्के, सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
बैठक में मौजूद प्रमुख अधिकारी…
दिल्ली सचिवालय में मंगलवार को हुई इस बैठक में शहरी विकास मंत्री श्री आशीष सूद, मुख्य सचिव श्री राजीव वर्मा और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। यह निर्णय हाल ही में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक और ‘दिल्ली स्लम एवं जेजे क्लस्टर पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति 2026’ के अनुरूप लिया गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बयान…
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और अमित शाह जी के नेतृत्व में देशभर में गरीबों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। दिल्ली में भी ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना के साथ हम झुग्गीवासियों के पुनर्वास को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि पुरानी कट-ऑफ तिथि के कारण कई परिवार लाभ से वंचित रह जाते थे। नई तिथि तय होने से अधिक से अधिक पात्र परिवारों को फायदा मिलेगा। पुनर्वास ‘जहां झुग्गी, वहीं मकान’ के संकल्प के तहत यथासंभव मौजूदा बस्ती या आसपास ही किया जाएगा।
मुख्य विशेषताएं
पात्र परिवारों को आधुनिक सुविधाओं से लैस बहुमंजिला फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे।
नई कॉलोनियों में आंगनवाड़ी केंद्र, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, खेल के मैदान जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
पारिवारिक विस्तार को ध्यान में रखते हुए, अलग-अलग मंजिलों पर रहने वाले परिवार के सदस्यों को अतिरिक्त शुल्क पर शामिल करने का प्रावधान।
PPP मॉडल के जरिए मिशन मोड में कार्य पूरा करने की योजना।
यह फैसला केंद्र और दिल्ली सरकार के समन्वित प्रयासों का नतीजा है, जो दिल्ली को झुग्गी-मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।












