आणंद (गुजरात), 23 जून 2026 — गुजरात के आणंद में अंतरराष्ट्रीय TOEFL परीक्षा केंद्र पर एक अत्याधुनिक नकल रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। आणंद साइबर क्राइम पुलिस ने छापेमारी कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी छात्रों से मोटी रकम लेकर उनकी जगह डमी एक्सपर्ट से परीक्षा करवा रहे थे। इस हाई-टेक सेटअप में दीवार में छेद करके HDMI केबल के जरिए स्क्रीन शेयरिंग का इस्तेमाल किया जा रहा था।
घोटाले का तरीका
परीक्षा केंद्र आणंद आर्ट्स कॉलेज (ग्रिड चौकड़ी के पास) में ‘Link Horizon’ कंपनी के साथ MoU के तहत चल रहा था।
कंप्यूटर लैब और सटे स्पोर्ट्स रूम के बीच कॉमन दीवार में गुप्त छेद बनाया गया।
HDMI स्प्लिटर केबल के जरिए असली छात्र की स्क्रीन बगल वाले कमरे में भेजी जाती थी।
वहां बैठा डमी एक्सपर्ट पूरी परीक्षा हल करता था, जबकि छात्र सिर्फ नाम का परीक्षार्थी होता था।
TOEFL और CELPIP जैसी परीक्षाओं में इस्तेमाल — विदेश पढ़ाई/नौकरी के लिए।
यह सेटअप इतना सोफिस्टिकेटेड था कि बाहरी सुरक्षा व्यवस्था को आसानी से बायपास कर लिया जाता था।
पुलिस कार्रवाई…
मुख्य आरोपी: तरुणकांत राकेशकांत शर्मा (मूल रूप से UP के साहिबाबाद का, अहमदाबाद साउथ बोपल में रहता था) गिरफ्तार।
जब्त: कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और स्प्लिटर उपकरण (कुल ~₹3.78 लाख)।
अन्य आरोपी: हर्षदभाई भोगीलाल रावल और अर्थ सुनीलभाई बुंदेला (अहमदाबाद) — फरार।
FIR: भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(3), 318(4) (धोखाधड़ी), 319 (फर्जीवाड़ा), 61(2) (आपराधिक साजिश) और IT Act की धारा 66(D) के तहत दर्ज।
जांच में संदेह: रैकेट का नेटवर्क गुजरात से आगे दिल्ली-NCR और पंजाब तक फैला हो सकता है। कई छात्रों के शामिल होने की आशंका।
मामला सामने आने के बाद ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रमाणीकरण पर बड़े सवाल उठ गए हैं। पुलिस पूछताछ जारी रखे हुए है और ज्यादा उम्मीदवारों की पहचान करने में जुटी है।












