अयोध्या/नई दिल्ली। भगवान राम के भक्तों के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले ने राम मंदिर को घेरे में डाल दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 19 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त पत्र लिखकर स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने और पूर्ण पारदर्शिता बरतने की मांग की है।
SIT रिपोर्ट में क्या-क्या खुलासे?
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। 27 अप्रैल से 5 जून 2026 (केवल 42 दिनों) के CCTV फुटेज में 70 बार चोरी या गबन की घटनाएं दर्ज हुईं। गिनती कक्ष में कर्मचारियों ने नोटों की गड्डियां कपड़ों, जूतों, जेबों में छिपाईं। कुछ कर्मचारी एक-दूसरे को शील्डिंग करते दिखे।
मुख्य लापरवाहियां (SIT रिपोर्ट के अनुसार):
स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का उल्लंघन — फ्रिस्किंग नहीं, सिक्योरिटी गार्ड नहीं।
CCTV फुटेज सिर्फ 45 दिन रखा गया (180 दिन का नियम)।
कई हुंडियों की चाबियां ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के पूर्व ड्राइवर रामशंकर यादव (टिन्नू) के पास।
गिनती प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव की नियुक्ति टॉप फंक्शनरी की सिफारिश पर।
आरोपी और कार्रवाई:
8 लोग गिरफ्तार — अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, रामशंकर यादव (टिन्नू)।
बरामदगी: लगभग 80 लाख रुपये नकद, विदेशी मुद्रा, जेवरात। कुछ आरोपियों ने 2-3 करोड़ तक चोरी की बात कबूली।
ट्रस्ट में बदलाव: चंपत राय और अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया। ट्रस्ट ने नए CEO पद का सृजन और संगठनात्मक बदलाव किए।
कांग्रेस ने PM से क्या मांगा?
खड़गे और राहुल गांधी के पत्र में कहा गया है — “भक्तों ने श्रद्धा से दिया चढ़ावा, उसका पूरा हिसाब-किताब सार्वजनिक होना चाहिए।” उन्होंने PM मोदी से स्वतंत्र जांच, ट्रस्ट के 5 वर्षों के खातों की जांच, रिपोर्ट सार्वजनिक करने और दोषियों पर बिना पक्षपात कार्रवाई की मांग की।
विवाद की शुरुआत कब हुई?
जून 2026 में सपा नेता पवन पांडे ने 7-7.5 करोड़ रुपये गबन का आरोप लगाया। ट्रस्ट ने SIT मांगी, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को FIR दर्ज हुई।
राम मंदिर करोड़ों भक्तों की आस्था का प्रतीक है। दान की चोरी न सिर्फ आर्थिक घोटाला है, बल्कि आस्था के साथ खिलवाड़ भी। SIT की अंतिम रिपोर्ट (22 जुलाई तक) का इंतजार है। भक्तों को पूरा सच जानने का अधिकार है। पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।












