दिल्ली: दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर मंतर पर शनिवार को Cockroach Janta Party (CJP) ने NEET-UG 2026 पेपर लीक और CBSE परीक्षा मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। हजारों युवा, छात्र और समर्थक इकट्ठा हुए, जिन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने भी इस प्रदर्शन में शामिल होकर मजबूत समर्थन दिया।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि युवा अब चुप नहीं रहेंगे और शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की मांग करेंगे। CJP, जो मूल रूप से एक ऑनलाइन युवा आंदोलन के रूप में शुरू हुआ था, पहली बार सड़कों पर उतरा और NEET पेपर लीक, CBSE OSM पोर्टल की खामियां, छात्र आत्महत्याओं और परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दों को उठाया।
सोनम वांगचुक का संदेश
सोनम वांगचुक ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, “शिक्षा के बिना न्याय का क्या फायदा?” उन्होंने NEET और CBSE विवादों से आगे शिक्षा व्यवस्था में गहरी समस्याओं पर प्रकाश डाला। वांगचुक ने पिछले चार दशकों से सरकारी स्कूलों में शिक्षा सुधार के प्रयासों का जिक्र किया और कहा कि बिना बदलाव के निराशा बढ़ रही है। उन्होंने CJP की मांगों का समर्थन किया और इसे बड़े आंदोलन की शुरुआत बताया।
प्रदर्शन के प्रमुख मुद्दे
- NEET-UG 2026 पेपर लीक: परीक्षा रद्द कर दी गई और दोबारा 21 जून को होने वाली है।
- CBSE मूल्यांकन विवाद: ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में कथित गड़बड़ियां।
- छात्रों की समस्याएं: बढ़ती आत्महत्याएं, कोचिंग दबाव और बेरोजगारी।
- मांग: शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और पूरी शिक्षा व्यवस्था में सुधार।
अभिजीत दिपके ने सरकार को 5 बजे तक ultimatum देते हुए चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो अगले शनिवार को फिर प्रदर्शन होगा।
युवा आंदोलन की नई तस्वीर
CJP को “कॉकरोच” नाम से जाना जाता है क्योंकि “कॉकरोच कभी नहीं मरते” – यह युवाओं के बीच लोकप्रिय मीम से निकला आंदोलन अब सड़क पर आ गया है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और दिल्ली पुलिस ने अनुमति दी थी।












