कर्नाटक में लंबे समय से चल रही कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 28 मई 2026 को अपना इस्तीफा दे दिया। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 29 मई 2026 को उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया। फिलहाल सिद्धारमैया केयरटेकर मुख्यमंत्री बने हुए हैं।
मुख्य घटनाक्रम:
28 मई को कैबिनेट सहयोगियों के साथ नाश्ते की बैठक में सिद्धारमैया ने खुद घोषणा की कि वे इस्तीफा दे रहे हैं और डीके शिवकुमार उनके उत्तराधिकारी होंगे।
कांग्रेस हाई कमांड (खासकर राहुल गांधी और सोनिया गांधी) के दबाव के बाद यह फैसला लिया गया।
आज 30 मई 2026 को शाम 4 बजे कांग्रेस विधायक दल (CLP) की अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें डीके शिवकुमार को औपचारिक रूप से नेता चुना जाएगा।
डीके शिवकुमार के 3 जून 2026 के आसपास शपथ लेने की संभावना है।
पृष्ठभूमि:
सिद्धारमैया (77 वर्ष) और डीके शिवकुमार (68 वर्ष) के बीच पिछले 3 साल से सत्ता संघर्ष चल रहा था। सिद्धारमैया के नेतृत्व में सरकार ने गृह ज्योति, शक्ति योजना, अन्न भाग्य जैसी कल्याणकारी योजनाएं चलाईं। लेकिन हाई कमांड ने 2028 विधानसभा चुनाव से पहले नेतृत्व बदलने का फैसला किया।
डीके शिवकुमार को कांग्रेस का संगठनात्मक चेहरा माना जाता है। वे वोकलिगा समुदाय से हैं और पार्टी के मजबूत ट्रबलशूटर रहे हैं।
सिद्धारमैया का बयान:
उन्होंने कहा कि उन्होंने राजनीति में “गलती से” प्रवेश किया था, लेकिन अब जनसेवा जारी रखेंगे। वे दिल्ली भी गए जहां उन्होंने राहुल गांधी से मुलाकात की।
यह बदलाव कांग्रेस को 2028 चुनाव से पहले नई ऊर्जा देने का प्रयास है, हालांकि वित्तीय चुनौतियां और जातीय समीकरण नई सरकार के सामने बड़ी चुनौती होंगे।












