नई दिल्ली: वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों के लिए ₹1 करोड़ का कानूनी सहायता फंड घोषित किया। उन्होंने CJP द्वारा स्थापित इस फंड में अपना योगदान देते हुए देशभर के वकीलों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं को कानूनी मदद दें।
CJP प्रवक्ता सौरव दास के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिब्बल ने कहा कि जंतर मंतर पर NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर हुए 37 दिन के प्रदर्शन के बाद कई राज्यों में छात्रों पर FIR दर्ज की जा रही है और उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह शांतिपूर्ण और जैविक (organic) प्रदर्शन था, इसलिए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
सिब्बल ने बताया कि एक समर्पित वेबसाइट लॉन्च की जाएगी, जहां वकील रजिस्टर कर सकेंगे और विभिन्न राज्यों में कानूनी सहायता उपलब्ध करा सकेंगे। साथ ही केस ट्रैक करने और प्रभावितों को वकीलों से जोड़ने का सेंट्रल फ्रेमवर्क भी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, “मेरी तरफ से मैं ₹1 करोड़ का योगदान दे रहा हूं। मैं देशभर के अधिवक्ताओं से अपील करता हूं कि वे इस फंड में सहयोग करें ताकि हम उन छात्रों की मदद कर सकें जो शांतिपूर्ण प्रदर्शन के कारण मामलों का सामना कर रहे हैं।”
CJP का आरोप है कि केंद्र सरकार से हुए समझौते के बावजूद बिहार, पश्चिम बंगाल, असम सहित कई राज्यों में छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है। पार्टी ने FIR वापस लेने, हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा करने और लिखित आश्वासन की मांग की है। CJP ने प्रदर्शन 25 जुलाई को समाप्त किया था, जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था।
यह पहल उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है जो परीक्षा अनियमितताओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर आवाज उठा रहे थे। सिब्बल ने वकीलों और नागरिकों से सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि कानूनी सहायता नेटवर्क पूरे देश में फैलाया जाएगा।










