नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने गुरुवार को पश्चिमी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में ‘डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन एवं सेकेंडरी ट्रांसपोर्टेशन’ परियोजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अत्याधुनिक तकनीक से लैस कचरा संग्रहण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के सफाईकर्मियों से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने स्वच्छ और सुंदर दिल्ली के निर्माण में सफाईकर्मियों के योगदान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए उनके साथ सहभोज भी किया तथा उनके समर्पण और सेवा भावना के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर दिल्ली के कैबिनेट मंत्री श्री आशीष सूद, सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, दिल्ली के महापौर श्री प्रवेश वाही, निगमायुक्त श्री संजीव खिरवार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल कचरा उठाना नहीं, बल्कि एक आधुनिक, तकनीक आधारित, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली विकसित करना है। यह नई व्यवस्था घर-घर से कचरा संग्रहण को अधिक प्रभावी, समयबद्ध और जवाबदेह बनाएगी तथा स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर दिल्ली के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि पहले नगर निगम के समक्ष पर्याप्त संसाधनों और आधुनिक उपकरणों का अभाव था। कचरा संग्रहण वाहनों की कमी, जर्जर ढलाव और सीमित मशीनरी के कारण स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होती थी। अब इन कमियों को दूर करते हुए आधुनिक कम्पैक्टर युक्त ट्रांसफर स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं, जो न केवल तकनीकी रूप से सक्षम हैं बल्कि देखने में भी आकर्षक हैं। यह व्यवस्था केवल पश्चिमी दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि चरणबद्ध तरीके से पूरी दिल्ली में लागू की जाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि स्वच्छ, हरित और विकसित दिल्ली का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही संभव है। उन्होंने नागरिकों से घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था का सहयोग करने, गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करने तथा अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आधुनिक तकनीक, मजबूत बुनियादी ढांचे और जनसहभागिता के समन्वय से दिल्ली देश की सबसे स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित राजधानी के रूप में स्थापित होगी।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं…
यह परियोजना पश्चिमी दिल्ली नगर निगम के 25 वार्डों के लगभग 4.50 लाख परिवारों को कवर करेगी। इसकी शुरुआत पहले चरण में 6 वार्डों से हो गई है, जबकि शेष 19 वार्डों को 31 अगस्त 2026 तक जोड़ा जाएगा। स्वच्छता व्यवस्था के लिए 917 अत्याधुनिक वाहनों और आधुनिक कचरा संग्रहण संसाधनों की तैनाती की गई है, जिससे हर घर से समयबद्ध और प्रभावी कचरा संग्रहण सुनिश्चित होगा। इसमें संकरी गलियों तक आसान पहुंच के लिए 225 ई-रिक्शा, 550 मिनी टिपर, 52 कॉम्पैक्टर, 41 हुक लोडर, 28 टाटा 407, 10 डम्पर, 6 बिन वॉशर, 123 एफसीटीएस बिन और 1,300 लीटर क्षमता वाले 1.1 सीबीएम बिन शामिल हैं। इन अत्याधुनिक संसाधनों के माध्यम से प्रत्येक घर से शत-प्रतिशत, समयबद्ध और प्रभावी कचरा संग्रहण सुनिश्चित किया जाएगा।
पूरी प्रणाली जीपीएस आधारित वार रूम, सेंट्रल कंट्रोल रूम, ईएसबीएम ऐप, सीसीटीवी निगरानी और हेल्पलाइन के माध्यम से डिजिटल रूप से मॉनिटर की जाएगी। इस परियोजना के अंतर्गत पारंपरिक ढलावों के स्थान पर आधुनिक, स्वच्छ और गंध-मुक्त ‘फिक्स्ड कॉम्पैक्शन ट्रांसफर स्टेशन’ विकसित किए जा रहे हैं। कूड़ेदानों और ट्रांसफर स्टेशनों की यांत्रिक सफाई के साथ-साथ पूरी प्रक्रिया को वैज्ञानिक व पर्यावरण-अनुकूल बनाकर पश्चिमी दिल्ली के वेस्ट मैनेजमेंट को अधिक सौंदर्यपूर्ण और नागरिक-केंद्रित स्वरूप दिया जा रहा है।
लाखों लोगों को मिलेगा लाभः शहरी विकास मंत्री आशीष सूद
दिल्ली के शहरी विकास मंत्री श्री आशीष सूद ने कहा कि पश्चिमी दिल्ली में डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन एवं सेकेंडरी ट्रांसपोर्टेशन परियोजना स्वच्छता व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस परियोजना के माध्यम से घर-घर से समयबद्ध कचरा संग्रहण, आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी और बेहतर शिकायत निवारण व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार राजधानी में स्वच्छ, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। आधुनिक वाहनों, स्मार्ट मॉनिटरिंग और बेहतर बुनियादी ढांचे के माध्यम से पश्चिमी दिल्ली के लाखों नागरिकों को बेहतर स्वच्छता सेवाओं का लाभ मिलेगा।
दिल्ली को स्वच्छ बनाने का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा: पर्यावरण मंत्री सिरसा
दिल्ली पर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस अवसर पर कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि अब घरों से कचरा केवल एक बार नहीं, बल्कि सुबह और शाम, दिन में दो बार उठाया जाएगा। आधुनिक कचरा संग्रहण वाहनों और निगम की उन्नत व्यवस्था के माध्यम से राजधानी को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके लिए वह नगर निगम के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और उनकी पूरी टीम को हृदय से बधाई देते हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली स्वच्छता और वेस्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में एक नए युग की ओर बढ़ रही है। कभी जिन सड़कों पर कूड़े के ढेर और गंदगी आम दृश्य हुआ करते थे, आज वहीं आधुनिक कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था और बेहतर नागरिक सुविधाएं दिखाई दे रही हैं। यह परिवर्तन सुशासन, दूरदर्शी नेतृत्व और जनविश्वास का प्रतीक है। दिल्ली की सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल कूड़े के पहाड़ों को समाप्त करने का कार्य भी अभूतपूर्व गति से चल रहा है। वर्षों से राजधानी पर बोझ बने इन लैंडफिल स्थलों में लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में फैले कूड़े के पहाड़ों में से 70 एकड़ से अधिक क्षेत्र को कूड़ा मुक्त किया जा चुका है। सरकार का संकल्प है कि आने वाली पीढ़ियां दिल्ली में कूड़े के पहाड़ केवल इतिहास और तस्वीरों में देखें, वास्तविकता में नहीं।













