दोहा/नई दिल्ली: कतर के विश्व प्रसिद्ध रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी में रविवार रात हुए भीषण विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 12 भारतीय नागरिक शामिल हैं। इस हादसे में 66 लोग घायल हुए हैं। यह घटना कतर के सबसे बड़े गैस प्रोसेसिंग प्लांट में हुई, जहां मेंटेनेंस के बाद ऑपरेशंस शुरू करने की कोशिश में टेक्निकल खराबी के कारण ब्लास्ट हुआ।
रास लफ्फान क्षेत्र कतर का प्रमुख LNG (Liquefied Natural Gas) हब है। रविवार रात करीब 10:30 बजे बारजान गैस फैसिलिटी में विस्फोट और आग लग गई। कतरी ऊर्जा मंत्री साद बिन श्रैदा अल काबी ने इसे “टेक्निकल मालफंक्शन” बताया और साफ किया कि यह कोई सबोटाज या दुश्मन कार्रवाई नहीं थी। उन्होंने कहा कि गैस निर्यात पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा और जांच जारी है।
भारतीयों पर असर
भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि कतरी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि 12 भारतीय नागरिकों की इस हादसे में मौत हो गई। घायलों का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। दूतावास कतरी अधिकारियों के साथ मिलकर प्रभावित परिवारों को मदद पहुंचा रहा है और मृतकों के शवों को जल्द से जल्द स्वदेश लाने की कोशिश कर रहा है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर का बयान
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “कतर के रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए विस्फोट में भारतीय नागरिकों समेत कई लोगों की मौत और घायल होने की खबर से गहरा दुख हुआ है। दूतावास कतरी अधिकारियों से संपर्क में है और प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।”
रास लफ्फान कतर की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां हजारों भारतीय कामगार कार्यरत हैं। यह हादसा गैस उद्योग में पिछले दो दशकों में सबसे घातक दुर्घटनाओं में से एक है।












