नई दिल्ली (23 जून 2026): केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके राज्यसभा कार्यकाल के समाप्त होने के बाद भाजपा ने उन्हें दोबारा नामांकन नहीं दिया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनके इस्तीफे को तुरंत प्रभाव से स्वीकार कर लिया।
जॉर्ज कुरियन केरल से भाजपा के प्रमुख चेहरे रहे हैं और मोदी कैबिनेट में ईसाई समुदाय का अकेला प्रतिनिधि थे। वे अल्पसंख्यक मामलों के अलावा मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी विभाग के भी राज्य मंत्री थे।
पूरी डिटेल्स:
कार्यकाल समाप्ति: जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल 21 जून 2026 को खत्म हुआ। वे मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे।
नामांकन नहीं: हालिया राज्यसभा चुनावों में भाजपा ने उन्हें दोबारा नामांकन नहीं दिया। इस फैसले को केरल में भाजपा के प्रदर्शन से जोड़ा जा रहा है।
राष्ट्रपति भवन का बयान: “भारत के राष्ट्रपति ने, प्रधानमंत्री की सलाह पर, संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत श्री जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे को तुरंत प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।”
65 वर्षीय कुरियन केरल के कोट्टायम से हैं। वे वरिष्ठ भाजपा नेता, वकील और पार्टी के केरल इकाई के पूर्व उपाध्यक्ष रह चुके हैं। 2024 में मोदी 3.0 सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह इस्तीफा आगामी कैबिनेट विस्तार की तैयारी का हिस्सा हो सकता है। कुरियन अब केरल में भाजपा की संगठनात्मक मजबूती पर फोकस कर सकते हैं।












