अयोध्या (उत्तर प्रदेश), 20 जून 2026
अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर में भक्तों द्वारा दिए गए चढ़ावे और दान की राशि में कथित अनियमितताओं और गबन के आरोपों ने विवाद खड़ा कर दिया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की है, जिसकी जांच तेजी से चल रही है।
मुख्य आरोप और जांच की स्थिति:
- दान पेटियों (हुंडियों) से करोड़ों रुपये गायब होने, CCTV फुटेज में छेड़छाड़, गहनों (जैसे डायमंड नेकलेस) के गायब होने और कर्मचारियों द्वारा संदिग्ध संपत्ति खरीदने के आरोप लगे हैं।
- SIT ने अब तक 100 से अधिक कर्मचारियों, ट्रस्ट सदस्यों और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की है। एक कर्मचारी के घर से गाय के गोबर के नीचे छिपाकर रखे गए ₹10 लाख बरामद किए गए।
- जांच का दायरा बढ़ाया गया है, जिसमें प्राण प्रतिष्ठा के बाद की भर्तियों और 11 महीनों के दस्तावेजों की जांच शामिल है। SIT को 7 दिनों में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों में अंतिम रिपोर्ट सौंपनी है।
CM योगी का अयोध्या दौरा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने राम मंदिर में दर्शन-पूजन किए और विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने SIT जांच का जिक्र करते हुए कहा कि “जांच से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा, कोई अपराधी नहीं बचेगा।” उन्होंने विपक्ष से जांच पूरी होने तक बयानबाजी बंद रखने की अपील की और आयोध्या को बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाया। चंपत राय को कार्यक्रम से दूर रखा गया।
विपक्ष का रुख: समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने मामले को लेकर सरकार और ट्रस्ट पर तीखे सवाल उठाए हैं। अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेताओं ने उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने इसे “धर्म के नाम पर लूट” बताया है।
ट्रस्ट ने किसी बड़े घोटाले से इनकार किया है और आंतरिक ऑडिट का हवाला दिया है। Nripendra Misra समेत ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने पारदर्शिता और बेहतर सिस्टम की बात कही है।












