स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में ईरान और पश्चिम एशिया के बढ़ते तनाव के कारण भारत सरकार ने भारतीय जहाजों को प्राथमिकता के आधार पर निकालने का अभियान तेज कर दिया है।
13 भारतीय जहाज अभी भी संकट वाले क्षेत्र में फंसे हुए हैं, जिनमें ज्यादातर LPG (तरल पेट्रोलियम गैस) टैंकर शामिल हैं।
अब तक 11 भारतीय जहाज सफलतापूर्वक होर्मुज से निकल चुके हैं। कुल 41 जहाजों को प्राथमिकता सूची में रखा गया है।
भारतीय नौसेना Operation Urja Suraksha और Operation Sankalp के तहत युद्धपोतों (destroyers और frigates) को तैनात कर रही है। जहाजों को Indian Navy की एस्कॉर्ट में निकाला जा रहा है।
केंद्र सरकार ने LPG के घरेलू स्टॉक बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने आयात बढ़ाने और बफर स्टॉक तैयार करने को कहा है।
ईरान ने कुछ जहाजों को पास करने की अनुमति दी है, लेकिन पूरा इलाका अस्थिर है। कुछ जहाजों पर गोलीबारी की घटनाएं भी सामने आई हैं।
पृष्ठभूमि:
फरवरी 2026 में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान ने होर्मुज को प्रभावी रूप से ब्लॉक कर दिया। दुनिया का 20-30% तेल और बड़ा LPG व्यापार इसी रास्ते से होता है। भारत अपनी LPG का बड़ा हिस्सा इसी रूट से आयात करता है।
सरकारी कार्रवाई:
- विदेश मंत्रालय ईरानी अधिकारियों से लगातार संपर्क में है।
- शिपिंग मंत्रालय ने सभी जहाजों की निगरानी बढ़ा दी है।
- घरेलू स्तर पर LPG की कीमतों और सप्लाई पर असर न पड़े, इसके लिए विशेष तैयारी की जा रही है।
प्रभाव:
यह संकट भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। सरकार उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की कमी से बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।












