डॉ. अमिय चंद्र की पुस्तक ‘India’s Export Renaissance’ का नई दिल्ली में विमोचन

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नई दिल्ली: डॉ. अमिय चंद्र की पुस्तक “India’s Export Renaissance: The ESIR Strategy for Global Trade Power” का विमोचन बुधवार को नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय में किया गया।

प्रतिष्ठित आध्यात्मिक एवं बौद्धिक व्यक्तित्व डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज ने इस पुस्तक का विमोचन किया। समारोह में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, नीति-निर्माता, व्यापार विशेषज्ञ और उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

ESIR फ्रेमवर्क पर आधारित रणनीतिक पुस्तक…

यह पुस्तक भारत को वैश्विक व्यापार की प्रमुख शक्ति बनाने के लिए ESIR Framework (Engage, Sustain, Initiate, Recalibrate) प्रस्तुत करती है। लेखक डॉ. अमिय चंद्र ने पुस्तक में भारत के निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र की मौजूदा कमियों का विश्लेषण किया है और National Export Competitiveness Ecosystem बनाने के लिए ठोस रोडमैप दिया है।

ESIR फ्रेमवर्क के चार स्तंभों में Engage वैश्विक बदलावों का पूर्वानुमान लगाकर अवसरों में बदलने, Sustain संस्थागत समन्वय और तकनीकी एकीकरण, Initiate सक्रिय नेतृत्व तथा Recalibrate वास्तविक समय में नीतियों को अनुकूलित करने पर जोर देता है।

पुस्तक में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने, Trade Sherpas की स्थापना, Single National Export Window, Unified Exports Dashboard जैसी व्यावहारिक सिफारिशें की गई हैं।

वित्त वर्ष 2025-26 में 825 बिलियन डॉलर निर्यात…

डॉ. अमिय चंद्र ने उल्लेख किया कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का निर्यात 825 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने जा रहा है, लेकिन विकसित भारत @2047 के लक्ष्य के तहत 6 ट्रिलियन डॉलर निर्यात हासिल करने के लिए बड़े पैमाने पर सुधार जरूरी हैं।

नेताओं की प्रतिक्रिया…

समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने पुस्तक को “भारत के निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने वाला व्यावहारिक और गतिशील रोडमैप” बताया।

संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने इसे भारत की निर्यात महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने वाला “निर्णायक मार्गदर्शक” करार दिया।

डॉ. अजय सहाय, महानिदेशक, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (FIEO) ने कहा कि ESIR Framework नीति और क्रियान्वयन दोनों में स्पष्टता और सुसंगति प्रदान करता है।

इसके अलावा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित, पूर्व विदेश सचिव एवं सांसद श्री हर्षवर्धन श्रृंगला और FICCI के महासचिव अनंत स्वरूप ने भी पुस्तक की सराहना की।

लेखक के बारे में…

डॉ. अमिय चंद्र भारतीय व्यापार सेवा (IRS) 1989 बैच के अधिकारी रह चुके हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय, वाणिज्य मंत्रालय समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वर्तमान में वे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में विजिटिंग प्रोफेसर हैं और नीति आयोग के व्यापार संबंधी कार्य समूह के सदस्य हैं। यह उनकी छठी पुस्तक है।

यह पुस्तक नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत और विद्वानों के लिए विकसित भारत @2047 की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान मानी जा रही है।

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