नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने NEET परीक्षा पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर जमकर हमला बोला है। खड़गे ने प्रधान से इस्तीफा की मांग की है और आरोप लगाया कि मंत्री छात्रों के विरोध को ‘आतंकवादियों की आवाज’ बता रहे हैं।
घटना की पूरी डिटेल
NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के बाद विवाद गहरा गया। मूल परीक्षा 3 मई को हुई थी, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया। री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया गया। इस दौरान छात्रों के विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली, जिसकी संख्या 20 बताई जा रही है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “90 पेपर लीक हो चुके हैं, लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद हो गया, NEET पेपर लीक के कारण 20 बच्चों ने आत्महत्या कर ली, परिवार तबाह हो गए। लेकिन मोदी सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपनी कुर्सी से चिपके हुए हैं और इंटरव्यू देते हुए छात्रों की आवाज को ‘आतंकवादियों की गूंज’ बता रहे हैं।” उन्होंने स्पष्ट रूप से प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
यह हमला ऐसे समय में हुआ जब छात्र NEET की निष्पक्षता और NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
धरमेंद्र प्रधान का पक्ष
शिक्षा मंत्री ने NDTV को दिए इंटरव्यू में कहा कि कुछ टीचर्स ‘प्रोटेक्टर्स से प्रीडेटर्स’ बन गए। NTA ने सुरक्षा उपायों के साथ री-एग्जाम सफलतापूर्वक कराया जाने का दावा किया है।
पृष्ठभूमि
- NEET 2026 में पेपर लीक के आरोपों के बाद CBI ने कई गिरफ्तारियां कीं।
- छात्रों के विरोध में Jantar Mantar पर प्रदर्शन जारी रहे।
- विपक्ष इस मुद्दे को केंद्र सरकार के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है।
यह विवाद छात्रों के भविष्य, परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और राजनीतिक जिम्मेदारी पर सवाल खड़ा करता है।












