राम मंदिर दान विवाद: RJD सांसद सुधाकर सिंह का ट्रस्ट को लीगल नोटिस, UP मंत्री का पलटवार

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अयोध्या: अयोध्या के राम मंदिर में भक्तों के चढ़ावे और दान की कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद तेज हो गया है। RJD के राज्यसभा सांसद सुधाकर सिंह ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लीगल नोटिस भेजा है, जिसमें दान की पूरी जानकारी, खर्च का ब्यौरा, ऑडिट रिपोर्ट और जमीन खरीद से जुड़े दस्तावेज मांगे गए हैं।

RJD MP का नोटिस: सुधाकर सिंह ने ट्रस्ट को नोटिस में FY 2021-22 से 2025-26 तक का वर्ष-वार आइटमाइज्ड अकाउंट, दान और खर्च का पूरा ब्योरा, ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करने और सभी लेन-देन के दस्तावेज मांगे हैं। नोटिस में मंदिर निर्माण और संचालन से जुड़ी अनियमितताओं के आरोपों का जिक्र किया गया है।

विवाद की पृष्ठभूमि: यह विवाद तब और गहराया जब SP नेता पवन पांडे और अखिलेश यादव ने दावा किया कि मंदिर में चढ़ावे में करोड़ों रुपये गबन हुए हैं (कुछ रिपोर्ट्स में 5-7.5 करोड़ या ज्यादा का जिक्र)। विपक्ष ने पारदर्शिता की मांग की, जबकि ट्रस्ट ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया और आंतरिक ऑडिट का हवाला दिया। ट्रस्ट ने UP सरकार से SIT जांच की मांग की, जिस पर CM योगी आदित्यनाथ ने तुरंत तीन सदस्यीय SIT गठित कर दी। SIT ने मंदिर का दौरा किया, कुछ संदिग्धों से पूछताछ की और कैश, संपत्ति आदि बरामद की।

UP मंत्री का पलटवार: UP के मंत्री (धर्मवीर प्रजापति सहित अन्य) ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि ये आरोप भ्रम फैलाने और सत्ता की परेशानी के कारण हैं। उन्होंने राम भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया और विपक्ष के इतिहास की याद दिलाई। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने भी राजनीतिक मकसद से आरोप लगाने का दावा किया।

ट्रस्ट का कहना है कि SBI के साथ नियमित आंतरिक ऑडिट होता है और कोई बड़ी अनियमितता नहीं पाई गई। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट जल्द आने वाली है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका पहुंची है और राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस छिड़ी हुई है।

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