नई दिल्ली/मुंबई, 17 जून 2026: उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिव सेना (UBT) में एक बार फिर बड़ा संकट गहरा गया है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6-7 सांसद दिल्ली पहुंच गए हैं और एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। यह घटनाक्रम शिव सेना की 19 जून (60वीं स्थापना दिवस) से ठीक पहले हो रहा है, जिससे पार्टी में विभाजन की अटकलें और तेज हो गई हैं।
दिल्ली गतिविधि: कई UBT सांसद दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। शिंदे गुट के नेता प्रताप सरनाइक ने विद्रोहियों का स्वागत करते हुए कहा कि “दरवाजे खुले हैं, प्राथमिकता मिलेगी”। एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे भी दिल्ली पहुंचे।
संजय राउत का पलटवार: शिव सेना (UBT) नेता संजय राउत ने विद्रोह की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, “सभी 9 सांसद उद्धव ठाकरे के साथ हैं। गद्दारों को बख्शा नहीं जाएगा। इस्तीफा देकर चले जाएं।” उन्होंने दावा किया कि सांसदों को 15 करोड़ रुपये की पेशकश की जा रही है।
पार्टी की कार्रवाई: उद्धव ठाकरे गुट ने दिल्ली में अहम बैठक बुलाई है और सांसदों को व्हिप जारी किया गया है। रविवार को हुई बैठक में केवल 4 सांसद शारीरिक रूप से मौजूद थे, बाकी वर्चुअल या फोन पर जुड़े।
संभावित प्रभाव: अगर 6 या अधिक सांसद अलग होते हैं तो लोकसभा में UBT की ताकत बुरी तरह प्रभावित होगी। शिंदे गुट को NDA में मजबूती मिलेगी। 19 जून को पार्टी स्थापना दिवस पर फैसला हो सकता है।
पृष्ठभूमि: 2022 के बाद से UBT में यह दूसरा बड़ा संकट है। Aditya Thackeray की संभावित भूमिका बढ़ाने की खबरें भी विद्रोह से जुड़ी बताई जा रही हैं।
UBT ने इन अटकलों को “भ्रम फैलाने वाली अफवाहें” बताया है, जबकि शिंदे गुट सक्रिय रूप से संपर्क में है।











