वाशिंगटन/नई दिल्ली, 3 जून 2026 — अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने जबरन श्रम (Forced Labour) से जुड़े सामान के आयात पर अंकुश न लगाने का हवाला देते हुए भारत सहित 54 देशों पर 12.5% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव किया है। कुल 60 देशों पर यह कार्रवाई प्रस्तावित है।
USTR ने Section 301 जांच के तहत यह प्रस्ताव रखा है। जांच में पाया गया कि कई देश जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर प्रभावी प्रतिबंध लागू करने में नाकाम रहे हैं, जो अमेरिकी व्यापार और श्रमिकों के लिए नुकसानदायक है।
- 12.5% अतिरिक्त टैरिफ: भारत, चीन, जापान, ब्रिटेन, सऊदी अरब, UAE, सिंगापुर, बांग्लादेश समेत 54 देशों पर लागू होगा।
- 10% अतिरिक्त टैरिफ: कनाडा, मैक्सिको, यूरोपीय संघ (EU), इंडोनेशिया, पाकिस्तान आदि 6 देशों पर, जिन्होंने आंशिक रूप से प्रतिबंध लगाए हैं।
- USTR ने टेक्सटाइल और अपैरल के लिए अलग से कुछ राहत का भी प्रस्ताव रखा है।
यह प्रस्ताव अभी अंतिम नहीं है।
भारत पर क्या असर?
- यह प्रस्ताव भारत-अमेरिका के चल रहे व्यापार वार्ताओं के बीच आया है।
- दोनों देशों के बीच अंतरिम व्यापार समझौता पहले ही हो चुका है, लेकिन यह नया कदम नई बाधा बन सकता है।
- भारत के निर्यात जैसे टेक्सटाइल, गारमेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि प्रभावित हो सकते हैं।
- भारत सरकार ने आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि वह बातचीत जारी रखेगी।
USTR Ambassador Jamieson Greer ने कहा, “हमारे सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदारों द्वारा जबरन श्रम वाले सामान के आयात को रोकने में विफलता स्वीकार्य नहीं है।”












