कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा तेलंगाना दौरे पर रवाना, आधुनिक तकनीक और नवाचारों का अध्ययन करेंगे

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पटना, 10 अगस्त 2026: बिहार के कृषि क्षेत्र को आधुनिक, तकनीक-आधारित और रोजगारोन्मुख बनाने तथा किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा तेलंगाना के दौरे पर रवाना हो रहे हैं। उनके साथ कृषि विभाग के प्रधान सचिव, कृषि निदेशक और उद्यान निदेशक भी जाएंगे।

दौरे से पहले मंत्री ने कहा कि तेलंगाना में कृषि के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों, आधुनिक तकनीकों और सफल प्रयोगों की जानकारी हासिल की जाएगी। तेलंगाना के कृषि मंत्री, कृषि विभाग के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कृषि, सिंचाई, फसल विविधीकरण, डिजिटल कृषि, कृषि प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों पर चर्चा होगी।

मंत्रालय ने बताया कि दौरे के दौरान तेलंगाना स्थित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कृषि संस्थानों का भी भ्रमण किया जाएगा। वहां हो रहे अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक कृषि तकनीकों से रूबरू होकर बिहार में इन्हें लागू करने की संभावनाओं पर मंथन किया जाएगा।

कृषि मंत्री ने कहा, “बिहार और तेलंगाना की कृषि परिस्थितियाँ अलग हैं, लेकिन किसानों की आय बढ़ाना दोनों राज्यों की साझा प्राथमिकता है। तेलंगाना के सफल प्रयोगों को समझकर बिहार की परिस्थितियों के अनुरूप उपयोगी तकनीकों और मॉडलों को अपनाने पर विचार किया जाएगा।”

उन्होंने बीज उत्पादन और बीज विकास के क्षेत्र में तेलंगाना के काम को महत्वपूर्ण बताया। गुणवत्तापूर्ण और उन्नत बीज कृषि उत्पादकता बढ़ाने का आधार हैं। बिहार में भी गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन को बढ़ावा देने, किसानों को उन्नत किस्मों के बीज समय पर उपलब्ध कराने तथा बीज उत्पादन और प्रसंस्करण से जुड़े रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाने के प्रयास जारी हैं।

मंत्रालय ने विशेष रूप से बिहार के विशिष्ट उत्पादों—मिथिला मखाना, शाही लीची, जर्दालू आम, कतरनी धान, मगही पान और मर्चा धान—का जिक्र किया। इन उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुँचाने के लिए प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात की पूरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने पर जोर दिया गया। तेलंगाना का अनुभव इस दिशा में बिहार के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

इस दौरे से कृषि तकनीक, सिंचाई एवं जल प्रबंधन, बागवानी, कृषि प्रसंस्करण, एफपीओ आधारित मूल्यवर्धन, कृषि उद्यमिता और निर्यात के क्षेत्र में नई संभावनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। इससे बिहार के किसानों को आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार से जोड़ने तथा उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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