नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन (22 जुलाई 2026) NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद और छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में जमकर हंगामा किया। सदन कई बार स्थगित होना पड़ा। विपक्ष ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की, जबकि सरकार चर्चा के लिए तैयार दिखी लेकिन विपक्ष ने शर्तें रखीं।
घटनाक्रम और प्रमुख मांगें
विपक्ष का आक्रोश: कांग्रेस सांसदों के नेतृत्व में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य विपक्षी सदस्यों ने सदन में नारेबाजी की। उन्होंने NEET पेपर लीक, छात्र आत्महत्याओं और Jantar Mantar पर CJP (Cockroach Janta Party) प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा की। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग की और लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की।
सरकार की तैयारी: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और अन्य मंत्रियों ने कहा कि सरकार NEET विवाद पर पूर्ण चर्चा के लिए तैयार है। हालांकि, विपक्ष ने प्रधान के इस्तीफे को शर्त बनाया, जिसके कारण सहमति नहीं बन सकी।
छात्रों पर लाठीचार्ज: विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया, जिसमें कई छात्र घायल हुए। राहुल गांधी ने इसे “छात्रों की आवाज दबाने” की कोशिश बताया।
राहुल गांधी का बयान: राहुल गांधी ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने पीएम मोदी से माफी मांगने और शिक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग की। कांग्रेस ने ‘Chhatron Ki Goonj’ अभियान के तहत देशव्यापी प्रदर्शन भी जारी रखे हैं।
NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी। NTA और CBI जांच चल रही है। विपक्ष का आरोप है कि पिछले वर्षों में कई परीक्षाओं में लीक हुए, लेकिन जवाबदेही तय नहीं हुई। सरकार ने सुधारों का वादा किया है, जिसमें NEET को कंप्यूटर आधारित बनाने का प्रस्ताव शामिल है।2a0562











