हैदराबाद (16 जुलाई 2026): तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के सईदाबाद (मदनपेट) स्थित सक्सेस, द स्कूल (Success, The School) में एक बड़ा धार्मिक विवाद सामने आया है। कक्षा 2 के एक हिंदू छात्र को होमवर्क में इस्लामिक ‘कलमा’ (Kalma) और ‘सूरह अल-फातिहा’ (Surah Al-Fatiha) पढ़ने और याद करने का काम दिया गया, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने संबंधित शिक्षिका को तुरंत बर्खास्त कर दिया। घटना ने सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होकर व्यापक आक्रोश पैदा किया है।
पूरी घटना क्या है?
स्कूल और क्लास का ब्योरा: सक्सेस स्कूल, सईदाबाद में कक्षा 2 की एक सेक्शन में कुल 25 छात्र थे, जिनमें 24 मुस्लिम और केवल 1 हिंदू छात्र था। शिक्षिका शेख ऐशा परवीन (Shaik Aisha Parveen) ने पूरे क्लास को दैनिक होमवर्क के रूप में कलमा (पहला और दूसरा) तथा सूरह फातिहा पढ़ने का निर्देश दिया। हिंदू छात्र के होमवर्क डायरी में भी यही लिखा गया, जिस पर शिक्षिका के हस्ताक्षर भी थे।
माता-पिता की शिकायत: 6 वर्षीय हिंदू छात्र के माता-पिता जब बच्चे के होमवर्क डायरी में यह देखा तो उन्होंने स्कूल प्रबंधन से सवाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उनकी सहमति के दूसरे धर्म की धार्मिक शिक्षा उनके बच्चे को दी गई, जो उनके धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है। माता-पिता ने स्कूल के बाहर भी विरोध जताया।
स्कूल की कार्रवाई: विवाद बढ़ने पर स्कूल प्रबंधन ने शिक्षिका को तुरंत बर्खास्त कर दिया। टर्मिनेशन लेटर में लिखा गया कि शिक्षिका भविष्य में सक्सेस ग्रुप ऑफ एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस में कहीं भी नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर सकती। स्कूल ने इसे गलती बताते हुए माफी मांगी।
पुलिस और आगे की कार्रवाई
सईदाबाद पुलिस को शिकायत मिली है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पुष्टि की कि यह शिक्षा नीति का उल्लंघन है। कानूनी राय लेने के बाद स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया, जिसमें कई लोगों को हिरासत में लिया गया। बीजेपी ने इसे ‘एजुकेशन जिहाद’ बताया है।
प्रतिक्रियाएं
घटना ने पूरे देश में बहस छेड़ दी है कि प्राइवेट स्कूलों में धार्मिक तटस्थता कैसे सुनिश्चित की जाए।
अभिभावकों का कहना है कि यह बच्चे की धार्मिक स्वतंत्रता और माता-पिता के विश्वास का उल्लंघन है।












