ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व: विदेश राज्य मंत्री पाबित्रा मार्गेरिटा और बिहार गवर्नर सैयद अता हुसैन शामिल

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नई दिल्ली: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के राज्य स्तरीय अंतिम संस्कार में भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री (मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर एक्सटर्नल अफेयर्स) पाबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हुसैन प्रतिनिधित्व करेंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की।

दोनों अधिकारी शुक्रवार को ईरान रवाना होंगे। खामेनेई का अंतिम संस्कार 4 जुलाई से 9 जुलाई तक तेहरान और मशहद में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ होगा, जिसमें लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मोदी की अनुपस्थिति

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को व्यक्तिगत निमंत्रण दिया था, लेकिन पीएम मोदी इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा के कारण शामिल नहीं हो पा रहे हैं। विपक्षी नेताओं सलमान खुर्शीद और मेहबूबा मुफ्ती भी डेलिगेशन का हिस्सा हो सकते हैं।

विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया, “इस समारोह में उच्च-स्तरीय प्रतिनिधित्व दोनों देशों के बीच सभ्यतागत संबंधों, लोगों के बीच संपर्क और राजनीतिक-आर्थिक सहयोग की मजबूत नींव को रेखांकित करता है।” सैयद अता हुसैन भारत में वरिष्ठ शिया पदाधिकारी हैं, जो पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल रह चुके हैं।

ट्रंप-ईरान पीस डील के बाद क्षेत्रीय संदर्भ

यह अंतिम संस्कार अमेरिका-ईरान शांति समझौते (ट्रंप प्रशासन द्वारा हाल ही में साइन किया गया) के बाद हो रहा है, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने और युद्ध समाप्ति शामिल है। क्षेत्रीय तनाव कम होने के संकेत हैं, लेकिन ईरान में बड़े पैमाने पर शोक समारोह सुरक्षा और राजनीतिक संदेश दोनों के रूप में देखा जा रहा है।

भारत-ईरान संबंधों में यह प्रतिनिधित्व महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता के संदर्भ में।

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