नई दिल्ली/जयपुर: द इंडियन एक्सप्रेस की खोजी रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी को राजस्थान के अपने व्यावसायिक खीरा (ककड़ी) फार्म के लिए राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) की योजना के तहत लगभग ₹99.03 लाख से ₹99.60 लाख की सब्सिडी मिली है। यह योजना उसी कृषि मंत्रालय की है जिसमें वे राज्य मंत्री हैं।
भागीरथ चौधरी राजस्थान के अजमेर जिले के पीह गांव में स्थित फार्म पर इस प्रोजेक्ट के लाभार्थी हैं। फार्म पर लगे साइनबोर्ड पर स्पष्ट रूप से NHB, कृषि मंत्रालय द्वारा दी गई 50% सब्सिडी का उल्लेख है। प्रोजेक्ट की कुल लागत ₹1.99 करोड़ बताई गई है, जिसमें HDFC बैंक से ₹1.49 करोड़ का लोन लिया गया था। सब्सिडी मार्च 2026 में लोन अकाउंट में जमा की गई।
योजना का विवरण
यह सब्सिडी NHB की “Development of Commercial Horticulture through Production and Post-Harvest Management of Horticulture Crops” योजना के अंतर्गत दी गई। योजना के तहत खीरा, शिमला मिर्च, टमाटर जैसी सब्जियों और कुछ फूलों की व्यावसायिक खेती के लिए परियोजना लागत का 50% तक (अधिकतम ₹1 करोड़ प्रति परिवार) सब्सिडी प्रदान की जाती है। 2025 में इस योजना के तहत कुल 467 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली, जिसमें मंत्री का प्रोजेक्ट भी शामिल था।
मंत्री NHB के पदेन उपाध्यक्ष हैं, हालांकि अंतिम मंजूरी प्रोजेक्ट अप्रूवल कमेटी ने दी। रिपोर्ट में हितों के टकराव और PMO को संपत्ति घोषणा में पूर्ण जानकारी न देने के सवाल भी उठाए गए हैं। मंत्री के सहयोगी ने कहा है कि पूरी जानकारी सरकार को दी जाएगी।
IAS अधिकारी के परिवार के सदस्य भी लाभार्थी
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि राजस्थान में इसी योजना के तहत वरिष्ठ IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार की पत्नी, मां और बेटे के नाम पर पिछले पांच वर्षों में कुल ₹1.16 करोड़ से अधिक की सब्सिडी दी गई है।












