राम मंदिर ट्रस्ट पर सवाल: चंपत राय और सहयोगियों पर विपक्ष का हमला, केजरीवाल का ‘आंखों में धूल’ और ‘पावरफुल डेमन्स’ का आरोप; योगी सरकार का कड़ा पलटवार

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अयोध्या, 26 जून 2026: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान की राशि के कथित गबन के मामले ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अन्य ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया है, जबकि विपक्षी दलों ने इस पूरे प्रकरण को लेकर भाजपा और योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है।

मामला क्या है?

उत्तर प्रदेश पुलिस ने राम मंदिर के 35 दान पेटियों से चोरी के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें छह मंदिर कर्मचारी शामिल हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब 7-7.5 करोड़ रुपये की राशि गबन हुई है। ट्रस्ट ने कमी का पता लगते ही कैमरे लगाए और विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। SIT की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई हुई और कुछ नकदी व सोना भी बरामद किया गया।

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर मुख्य आरोप लग रहे हैं। उन्होंने PMO द्वारा मांगी गई वित्तीय जानकारी देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद विवाद और गहरा गया।

केजरीवाल का तीखा हमला

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर में पूजा-अर्चना की और मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर में “पावरफुल डेमन्स” (शक्तिशाली राक्षसों) ने करीब 200 करोड़ रुपये नकद, हीरे-जेवरात, 200 किलो चांदी आदि चुरा लिए। केजरीवाल ने SIT जांच को “आंखों में धूल झोंकने” वाली कार्रवाई बताया और कहा कि बड़े लोगों को बचाने के लिए छोटे कर्मचारियों पर मामला दर्ज किया गया है।

उन्होंने चंपत राय पर सीधा सवाल उठाया कि PMO को जवाब देने की हिम्मत कैसे हुई? “चंपत राय के पास कौन से राज हैं कि प्रधानमंत्री भी उनके सामने लाचार हैं?” केजरीवाल ने पूछा।

योगी सरकार और भाजपा का पलटवार

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि जो राम नाम लेते ही गोली चलाने वाले थे, वे अब राम भक्तों की आस्था से छेड़छाड़ का आरोप लगा रहे हैं। योगी ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का जिक्र करते हुए कहा कि वे देश लूटने के अलावा देश को तोड़ने वाले हैं। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट पर लगाए जा रहे आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया।

ट्रस्ट की ओर से चंपत राय और अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया है, लेकिन विपक्ष गहन जांच और बड़े लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है।

ट्रस्ट का बयान और आगे की कार्रवाई…

ट्रस्ट ने दानदाताओं से आग्रह किया है कि वे आस्था बनाए रखें। पुलिस और SIT जांच जारी है और आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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