नई दिल्ली/मुंबई: शिवसेना (UBT) में एक बार फिर राजनीतिक संकट गहरा गया है। उद्धव ठाकरे के गुट के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसदों ने विद्रोह कर दिया है और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। इस घटनाक्रम को ‘ऑपरेशन टाइगर’ नाम दिया गया है, जिसके तहत क्रॉस वोटिंग और रैली की भी तैयारी चल रही है।
विद्रोही सांसदों के नाम
विद्रोह करने वाले 6 सांसदों में शामिल हैं:
- संजय जाधव
- भाऊसाहेब वाकचौरे
- संजय देशमुख
- नागेश पाटिल आष्टीकर
- संजय दिना पाटिल
- ओमराजे निंबालकर
ये सांसद दिल्ली में हुई शिवसेना UBT की संसदीय दल की बैठक में अनुपस्थित रहे, जबकि केवल 3-4 सांसद ही पहुंचे।
घटनाक्रम
- बैठक में गैर-हाजिरी: उद्धव ठाकरे गुट ने दिल्ली में व्हिप जारी कर बैठक बुलाई थी, लेकिन 6 सांसद नहीं पहुंचे। इससे बगावत की अटकलें तेज हो गईं।
- अलग ग्रुप का गठन: विद्रोही सांसदों ने लोकसभा सचिवालय को पत्र लिखा और अलग ग्रुप बनाने का दावा किया। उन्होंने पार्टी की मूल विचारधारा से भटकने और कांग्रेस के साथ विलय की आशंका जताई।
- शिंदे गुट का स्वागत: एकनाथ शिंदे गुट ने इन सांसदों का स्वागत किया। सूत्रों के अनुसार, 21 जून के आसपास औपचारिक विलय की घोषणा हो सकती है। इससे शिंदे गुट की लोकसभा ताकत बढ़कर 13 हो सकती है।
- सुरक्षा अपग्रेड: विद्रोही सांसदों को Y-प्लस सुरक्षा दी गई है।
UBT गुट की प्रतिक्रिया
शिवसेना UBT ने विद्रोही सांसदों को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। संजय राउत ने उन्हें ‘बिके हुए’ बताया और कानूनी कार्रवाई की बात कही। UBT कार्यकर्ताओं ने मुंबई में विरोध प्रदर्शन भी किया।
राजनीतिक प्रभाव
यह बगावत महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा संकट पैदा कर रही है। शिंदे गुट को मजबूती मिलेगी, जबकि UBT की संसदीय ताकत घटकर 3 सांसदों तक सिमट सकती है। मॉनसून सत्र और शिवसेना फाउंडेशन डे के आसपास यह घटनाक्रम और गति पकड़ सकता है।












