केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री और महराजगंज से सात बार के सांसद पंकज चौधरी को भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। राजधानी में आयोजित संगठनात्मक कार्यक्रम के दौरान इस निर्णय की औपचारिक घोषणा की गई, जिसमें पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक विनोद तावड़े और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री और राज्य संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल हुए, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिला कि नए अध्यक्ष को संगठन और सरकार—दोनों का पूरा समर्थन प्राप्त है।
पंकज चौधरी ने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन निर्धारित प्रक्रिया के तहत दाखिल किया था। उनके मुकाबले में किसी अन्य उम्मीदवार का नामांकन न होने के कारण उनका चयन निर्विरोध हुआ। नामांकन के समय पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी मौजूदगी रही, जिसने संगठन के भीतर एकजुटता और सहमति का संदेश दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उनके नाम पर पहले से ही व्यापक सहमति बन चुकी थी, जिसे औपचारिक रूप से अंतिम रूप दिया गया।
राजनीतिक दृष्टि से पंकज चौधरी की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वे ओबीसी वर्ग से आते हैं और पूर्वांचल क्षेत्र में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ रही है। लंबे संसदीय अनुभव और संगठनात्मक समझ के कारण पार्टी नेतृत्व ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। विश्लेषकों का मानना है कि इस बदलाव के जरिए भाजपा सामाजिक संतुलन साधने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर संगठन को और मजबूत करना चाहती है।
पंकज चौधरी का राजनीतिक सफर स्थानीय निकाय राजनीति से शुरू होकर लोकसभा तक पहुंचा है। वे लगातार कई कार्यकाल से सांसद रहे हैं और केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। संगठन और सरकार दोनों में उनके अनुभव को देखते हुए पार्टी को उम्मीद है कि वे प्रदेश में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करेंगे और आगामी चुनावों की रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू करेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पंकज चौधरी के सामने जिला और मंडल स्तर पर संगठन को सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं में समन्वय बढ़ाने और सरकार की नीतियों को जनता तक पहुंचाने की बड़ी चुनौती होगी। आने वाले पंचायत चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है। पार्टी नेतृत्व को भरोसा है कि उनके नेतृत्व में भाजपा उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक मजबूती बनाए रखेगी और चुनावी तैयारियों को नई दिशा मिलेगी।













