नीराव मोदी को लंदन कोर्ट से बड़ा झटका: बैंक ऑफ इंडिया को 10.7 मिलियन डॉलर (100 करोड़ से ज्यादा) चुकाने का आदेश

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लंदन, 24 जून 2026: भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को ब्रिटेन की अदालत से एक और बड़ा झटका लगा है। लंदन कमर्शियल कोर्ट (London Circuit Commercial Court) के जज साइमन टिंकलर ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए नीरव मोदी को बैंक ऑफ इंडिया को 10.7 मिलियन डॉलर (लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक) चुकाने का आदेश दिया है।

यह राशि 2012 में नीरव मोदी की दुबई स्थित कंपनी Firestar Diamond FZE को दिए गए लोन से जुड़ी है। बैंक ऑफ इंडिया ने मूल रूप से 5 मिलियन डॉलर का लोन दिया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 15 मिलियन डॉलर किया गया और 2017 में 12 मिलियन डॉलर पर कम कर दिया गया। नीरव मोदी ने व्यक्तिगत रूप से इस लोन की गारंटी दी थी। ब्याज सहित कुल बकाया अब 10.7 मिलियन डॉलर से अधिक हो चुका है।

कोर्ट का फैसला और तर्क…

कोर्ट ने नीरव मोदी के दावों को खारिज कर दिया। मोदी का पक्ष था कि गारंटी अमान्य है और बैंक की मांग उन्हें कभी नहीं पहुंची। लेकिन जज ने मोदी के 2018 के एक ईमेल का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने खुद स्वीकार किया था कि PNB घोटाले की मीडिया रिपोर्ट्स के बाद उनके बिजनेस बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कोर्ट ने कहा कि बैंक को लोन समाप्त करने का अधिकार था क्योंकि PNB घोटाले के आरोपों से मोदी की पुनर्भुगतान क्षमता पर असर पड़ा था।

यह सिविल केस PNB घोटाले से अलग है, लेकिन नीरव मोदी पर कुल मिलाकर हजारों करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड के आरोप हैं। इस फैसले से बैंक ऑफ इंडिया को मोदी की यूके स्थित संपत्तियों से रिकवरी करने का रास्ता साफ हो गया है।

नीरव मोदी का बैकग्राउंड…

नीरव मोदी PNB घोटाले के मुख्य आरोपी हैं, जिसमें उन्होंने बिना पर्याप्त सिक्योरिटी के हजारों करोड़ रुपये के लोन हासिल किए थे। फरवरी 2018 में घोटाला सामने आने के बाद वे देश छोड़कर भाग गए और मार्च 2019 से लंदन की जेल में बंद हैं। भारत सरकार उनकी प्रत्यर्पण की प्रक्रिया चला रही है, जिसके खिलाफ मोदी ने कई याचिकाएं दायर की हैं, लेकिन ज्यादातर खारिज हो चुकी हैं।

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