रांची। झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के खिलाफ छात्रों और अभ्यर्थियों का आंदोलन सोमवार को 24वें दिन में प्रवेश कर गया। इसी बीच जांच एजेंसी सीआईडी ने रांची स्थित झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (जेएसएससी) के मुख्य कार्यालय पर छापेमारी शुरू कर दी है।
सीआईडी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) मनोज कौशिक ने पुष्टि करते हुए कहा कि विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में जेएसएससी कार्यालय में छापेमारी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, सीआईडी की टीम जेएसएससी सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ कर रही है और दस्तावेजों की जांच कर रही है। इससे पहले सचिव के आवास पर भी छापा मारा गया था। जांच में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र और दस्तावेजों का भी सत्यापन किया जा सकता है…
आंदोलन की पृष्ठभूमि
आंदोलन की शुरुआत मुख्य रूप से झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के आरोपों से हुई थी। बाद में इसका दायरा जेएसएससी-सीजीएल और अन्य भर्ती परीक्षाओं तक फैल गया। छात्र जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना दे रहे हैं। कई अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर भी हैं।
छात्रों की प्रमुख मांगें हैं:
जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करना
जेपीएससी की 14वीं परीक्षा और अन्य विवादित परीक्षाओं को रद्द करना
पूरे मामले की सीबीआई जांच
जेपीएससी और जेएसएससी में व्यापक सुधार तथा पारदर्शिता
अब तक की कार्रवाई
सीआईडी ने अब तक इस मामले में 20 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांग्ते भी शामिल हैं। जेपीएससी के कई सदस्यों ने इस्तीफा दिया है। सरकार ने 14वीं जेपीएससी परीक्षा सहित कुछ बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की है और ईडी जांच के लिए भी अनुरोध भेजा है। हालांकि छात्र सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हुए हैं और कहते हैं कि सरकार की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है।
पिछले दिनों विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज, पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया था।












