कोलकाता (26 जून 2026): पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार दोपहर एक निर्माणाधीन तीन मंजिला वेयरहाउस (गोदाम) की छत अचानक ढह गई। इस हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें बिहार और बंगाल के नाबालिग मजदूर शामिल हैं। कई मजदूर अभी भी मलबे के नीचे फंसे हुए हैं और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
हादसे की विस्तृत जानकारी…
घटना बुधवार (24 जून 2026) दोपहर करीब 12 बजे ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर हुई, जहां कंक्रीट डालने का काम चल रहा था। उस समय साइट पर 50-60 मजदूर कार्यरत थे। छत भरभराकर गिरने से मलबा ढेर हो गया, जिससे दर्जनों मजदूर दब गए। शुरुआती रिपोर्ट्स में 3-5 मौतों की पुष्टि हुई थी, लेकिन गुरुवार को मौत का आंकड़ा बढ़कर 11 हो गया। मृतकों में 17 वर्षीय तीन नाबालिग मजदूर शामिल हैं।
मृतकों में शामिल कुछ नाम:
रोहित चौधरी (40)
कृष्णा चौधरी (30)
राहुल चौधरी (17)
चंद्रमा चौधरी (60)
पप्पू राजक (40)
अजगर हुसैन (55)
साहिल सरदार (17)
घी कुमार (17)
और दो अन्य (पहचान जारी)
19 घायल मजदूरों का एसएसकेएम अस्पताल में इलाज चल रहा है। कई परिवार मलबे के पास इंतजार कर रहे हैं और अपने परिजनों की चीख-पुकार सुनकर रो रहे हैं।
बचाव कार्य
NDRF, SDRF, कोलकाता पुलिस, फायर सर्विस, सिविल डिफेंस और भारतीय सेना की टीमें 24 घंटे से ज्यादा समय से काम कर रही हैं।
आर्मी ने ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रेडार (GPR) का इस्तेमाल किया।
मलबे में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए छेद किए गए और कुछ लोगों से संपर्क भी स्थापित हुआ।
गुरुवार को कम से कम एक व्यक्ति को जिंदा बचाया गया। भारी बारिश ने काम में बाधा डाली।
सरकारी कार्रवाई और जांच
पश्चिम बंगाल सरकार ने सभी निर्माण कार्यों पर 31 जुलाई तक रोक लगा दी।
बिल्डिंग प्लान की हाई-लेवल ऑडिट का आदेश।
6 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें साइट सुपरवाइजर, स्ट्रक्चरल इंजीनियर, लैंड लीज होल्डर और अन्य शामिल। SIT जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों से मिले।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया और मुआवजे की घोषणा की।












