मालवीय नगर अग्निकांड के हीरो रोहित मुखिया को CM रेखा गुप्ता का भावुक पत्र, जारी की 5 लाख रुपये की सहायता

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने मालवीय नगर अग्निकांड में अपनी जान की परवाह किए बिना कई लोगों की जान बचाने वाले साहसी युवक रोहित मुखिया को भावनात्मक पत्र लिखकर उनके साहस की सराहना की है। साथ ही मुख्यमंत्री ने तत्काल 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि जारी कर दी है और रोहित के पूर्ण इलाज का पूरा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मालवीय नगर की दुखद अग्नि दुर्घटना में रोहित द्वारा दिखाई गई कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनशीलता अनेक लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने रोहित के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर DM ने सौंपा चेक…

मुख्यमंत्री के निर्देश पर पश्चिमी दिल्ली जिला के जिलाधिकारी (DM) ने रोहित मुखिया के मालवीय नगर स्थित खिड़की एक्सटेंशन आवास पर पहुंचकर उनके परिवार से मुलाकात की और 5 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा। DM ने परिवार को आश्वासन दिया कि दिल्ली सरकार इस कठिन समय में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और इलाज से जुड़ी हर संभव मदद उपलब्ध कराएगी।

CM रेखा गुप्ता का पत्र…

अपने पत्र में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा, “मालवीय नगर अग्निकांड में रोहित के घायल होने की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं रोहित और उनके परिवार के साथ हैं। विपरीत परिस्थितियों में उन्होंने जो साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनशीलता दिखाई, वह उनके मजबूत चरित्र का परिचायक है। रोहित का यह साहस कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।”

CM ने संबंधित अधिकारियों और चिकित्सकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि रोहित के इलाज में किसी प्रकार की कमी न रहे और उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि रोहित का साहस, डॉक्टरों का समर्पण और परिवार का स्नेह उन्हें जल्द स्वस्थ करेगा।

रोहित मुखिया का साहसिक कार्य…

3 जून 2026 को मालवीय नगर के हौज रानी स्थित एक रेस्टोरेंट में भीषण आग लगी थी। उस समय रोहित मुखिया रेस्टोरेंट के किचन में ड्यूटी पर थे। आग लगते ही उन्होंने सबसे पहले अपने साथियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। उनके गांव के दो साथी पहली मंजिल पर फंसे थे। रोहित अपनी जान की परवाह किए बिना ऊपर पहुंचे और आग की लपटों व धुएं के बीच उन्हें बचाने का प्रयास किया।

जब बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया तो तीनों ने एक कमरे में शरण ली। रोहित ने बाथरूम की बाल्टी की मदद से खिड़की तोड़ी और सुरक्षित निकलने का रास्ता बनाया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि दोनों साथी पहले बाहर निकल जाएं। अंत में खुद कूदकर बाहर आए, लेकिन इस दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी सूझबूझ और साहस की वजह से कई लोगों की जान बच सकी।

Leave a Comment

और पढ़ें